शेयर बाज़ार में सावधानी से ही होता है पैसा वसूल

नई दिल्ली:

अपनी गाढ़ी कमाई से मिली पूंजी को बढ़ते कौन नहीं देखना चाहता, लेकिन इसके लिए क्या करें? क्या शेयर बाज़ार में निवेश करें? आमतौर पर देखने में आया है कि शेयर बाज़ार में निवेश करने से आम निवेशक डरता है। आख़िर इस डर की वजह क्या है, इस डर को कैसे भगाएं? एसेट मैनेजर्स के मैनेजिंग कंसलटेंट सूर्य भाटिया की सलाह है कि अगर आप सावधानी और समझदारी बरतें तो शेयर बाज़ार में निवेश आपको अपने दूरगामी लक्ष्यों को हासिल करने में मदद कर सकता है... हमारे कार्यक्रम पैसा वसूल में उनसे हुई बातचीत का नतीजा आप भी जानिए...

शेयर बाज़ार में सावधानी के साथ उतरें-
- सबसे पहले निवेशक अपना रिस्क प्रोफ़ाइल समझे
- रिस्क लेने, रिस्क झेलने की क्षमता का आकलन करे

पहले अपनी ज़रूरतें पहचानें-
- लक्ष्य के हिसाब से अलग-अलग बास्केट बनाएं
- शॉर्ट टर्म, मिड टर्म, लॉन्ग टर्म के लिए अलग-अलग बास्केट
- लंबी अवधि के लक्ष्य का पैसा ही शेयर बाज़ार में लगाएं
- लंबी अवधि का पैसा रिटायरमेंट जैसे लक्ष्यों के लिए रखें

लकीर के फ़कीर ना बनें
- अपने पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफ़ाई करें
- सिर्फ़ एक ही क्षेत्र के शेयरों में पैसा ना लगाएं
- सिर्फ़ दूसरों के कह देने पर ही शेयर ना ख़रीदें
- अपनी समझ के हिसाब से पैसा निवेश करें
- निवेश से पहले समझें, कहां निवेश कर रहे हैं
- अगर समझ ना आए, या शक हो तो निवेश ना करें

लंबे समय का निवेश बेहतर
- पहले ये समझें कि निवेश कितने लंबे समय के लिए हो
- निवेश जितना लंबा समय होगा, रिस्क कम होता जाएगा
- छोटी अवधि के लिए किए गए निवेश में रिस्क भी बढ़ जाता है
- शेयर बाज़ार में निवेश के लिए म्यूचुअल फंड को प्राथमिकता दें
- ये देखें कि क्या रिटायरमेंट का लक्ष्य हासिल हो रहा है या नहीं
- लंबी अवधि का निवेश बच्चों की पढ़ाई, शादी जैसे लक्ष्य के लिए भी हो सकता है

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बाज़ार में निवेश का तर्क
- बढ़ती महंगाई से निपटने का तरीका है शेयर बाज़ार जहां सबसे तेज़ी से पैसा बढ़ सकता है
- आप संपत्ति बढ़ाना चाहते हैं तो उसका एक अहम रास्ता शेयर बाज़ार में निवेश है