यह ख़बर 11 जुलाई, 2013 को प्रकाशित हुई थी

एसटीसी, आईटीडीसी में विनिवेश के प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी

खास बातें

  • सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के दो उपक्रमों राज्य व्यापार निगम (एसटीसी) और भारत पर्यटन विकास निगम में सरकारी हिस्सेदारी के आंशिक विनिवेश के प्रस्तावों को गुरुवार को मंजूरी दे दी।
नई दिल्ली:

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के दो उपक्रमों राज्य व्यापार निगम (एसटीसी) और भारत पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) में सरकारी हिस्सेदारी के आंशिक विनिवेश के प्रस्तावों को गुरुवार को मंजूरी दे दी। इससे सरकारी खजाने में 30 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।

मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में आईटीडीसी में सरकार की 5 प्रतिशत और एसटीसी में 1.02 प्रतिशत हिस्सेदारी के विनिवेश को हरी झंडी दिखा दी गई। यह बिक्री शेयर बाजार में बिक्री की पेशकश के जरिये होगी।

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन केंद्रीय उपक्रमों में विनिवेश, प्रतिभूति अनुबंध (नियमन) नियम के तहत सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग नियमों के अनुपालन के लिए किया जा रहा है। इस नियम के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रमों में सार्वजनिक हिस्सेदारी उनकी चुकता पूंजी के कम से कम 10 प्रतिशत होनी चाहिए।

सरकार को आईटीडीसी में पांच प्रतिशत शेयरों की बिक्री से 23.58 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। पांच प्रतिशत यानी 42.88 करोड़ शेयरों की बिक्री से यह राशि मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा एसटीसी में सरकार की 1.02 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने से उसे 10 करोड़ रपये मिलने की उम्मीद है।

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वर्तमान में आईटीडीसी में सरकार की 92.11 प्रतिशत और एसटीसी में 91.02 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार को 8 अगस्त तक दोनों कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम करके 90 प्रतिशत पर लानी है। आईटीडीसी का गठन अक्टूबर, 1966 में देश में पर्यटन के विकास, संवर्धन और विस्तार के लिए किया गया, जबकि एसटीसी की स्थापना 1956 में पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ व्यापार के उद्देश्य से की गई।