खास बातें
- बढ़ती ब्याज दरों की वजह से बैंकों को आवास ऋण के ग्राहकों से मासिक किस्त के रूप में सालाना 6,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त होंगे।
Mumbai: बढ़ती ब्याज दरों की वजह से बैंकों को आवास ऋण के ग्राहकों से मासिक किस्त (ईएमआई) के रूप में सालाना 6,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त होंगे। प्रमुख रिसर्च एजेंसी क्रिसिल ने यह जानकारी दी। रेटिंग एजेंसी ने कहा है, हमारा अनुमान है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी से आवास ऋण के ग्राहकों पर सालाना 6,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। क्रिसिल ने कहा है कि ऊंची ईएमआई और आर्थिक वृद्धि की रफ्तार कम रहने से फाइनेंसरों की गैर निष्पादित आस्तियां बढ़ेंगी। वहीं अप्रैल, 2012 में ऊंची दरों से जुड़े लुभावनी दरों वाले ऋण पोर्टफोलियो से फाइनेंसरों का मुनाफा बढ़ेगा। रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि अप्रैल, 2012 से नीतिगत दरों में लगातार बढ़ोतरी से आवास ऋण के फ्लोटिंग दरों वाले ग्राहकों के लिए ब्याज दरों में ढाई प्रतिशत का इजाफा हो चुका है। यह ईएमआई में औसतन 15 प्रतिशत की वृद्धि बैठती है। पिछले 19 माह में महंगाई पर अंकुश के लिए आरबीआई महत्वपूर्ण दरों में 12 बार बढ़ोतरी कर चुका है।