खास बातें
- देश में अगले 20 सालों में 1,320 अतिरिक्त वाणिज्यिक विमानों की जरूरत होगी और इस पर लगभग 150 अरब डॉलर का खर्च आएगा।
नई दिल्ली: विमान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए देश में अगले 20 सालों में 1,320 अतिरिक्त वाणिज्यिक विमानों की जरूरत होगी और इस पर लगभग 150 अरब डॉलर का खर्च आएगा। यह अनुमान अमेरिका की विमान निर्माता कम्पनी बोइंग ने बुधवार को जताया। भारतीय बाजार में कम्पनी के लिए सम्भावना पर एक रिपोर्ट जारी करते हुए बोइंग इंडिया के अध्यक्ष दिनेश केस्कर ने कहा, "देश के बेहतर आर्थिक विकास, एक बड़ी आबादी में आई नई समृद्धि और हवाईअड्डों की बेहतर सुविधा के कारण अधिक से अधिक उड़ानों की जरूरत होगी।" वित्त वर्ष 2010-11 में देश में घरेलू विमान यात्रियों की संख्या बढ़कर 5.36 करोड़ हो गई, जबकि अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों की संख्या बढ़कर 1.31 करोड़ हो गई। रिपोर्ट में कहा गया कि देश में लम्बे समय तक यात्रियों की संख्या 8.1 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी। रिपोर्ट में विमानों के प्रकार के बारे में अनुमान जताते हुए कहा गया कि अगले 20 सालों में सिंगल एसल वाले विमानों की सर्वाधिक मांग होगी और कम ईंधन खपत करने वाले विमानों की भी मांग अधिक होगी। बोइंग ने अगले 20 सालों में दुनिया भर में 4,000 अरब डॉलर मूल्य के नए विमानों की मांग का अनुमान जताया है।