खास बातें
- सरकार ने कहा कि काले धन के मुद्दे पर श्वेत पत्र लाने का उसका कोई प्रस्ताव नहीं है हालांकि राष्ट्रीय स्तर की तीन संस्थाएं इस पर एक अध्ययन कर रही हैं।
नई दिल्ली: सरकार ने मंगलवार को कहा कि काले धन के मुद्दे पर श्वेत पत्र लाने का उसका कोई प्रस्ताव नहीं है हालांकि राष्ट्रीय स्तर की तीन संस्थाएं काले धन पर एक अध्ययन कर रही हैं जो 18 महीने में पूरा हो जाएगा। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने रामदास अग्रवाल के सवाल के लिखित जवाब में मंगलवार को राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष की अगुवाई में एक समिति गठित की गयी है जो देश में काले धन के सृजन, उसके अवैध स्थानांतरण और उसकी वसूली के लिए कानूनों को मजबूत बनाने पर सुझाव देगी। मुखर्जी ने कहा कि समिति विभिन्न पक्षों से बातचीत कर छह महीने में अपनी रिपोर्ट देगी उन्होंने प्रशांत चटर्जी के एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की सकल गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) में वृद्धि होने के कारण बैंक के एनपीए प्रावधान में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि 2008-09 में यह 2474 करोड़ रुपए का प्रावधान था जो 2010-11 में बढ़कर 8792 करोड़ रुपए हो गया।