यह ख़बर 28 मई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

वित्त मंत्रालय बाजार आधारित तेल कीमतों के पक्ष में

खास बातें

  • वित्त मंत्रालय ने ईंधन कीमतों को बाजार पर छोड़ने का सुझाव देते हुए कहा कि गरीबों को महंगाई से बचाने के लिए सब्सिडी नकद के रूप में दी जा सकती है।
New Delhi:

वित्त मंत्रालय ने ईंधन कीमतों को बाजार पर छोड़ने का सुझाव देते हुए कहा कि गरीबों को महंगाई के प्रभाव से बचाव के लिए सब्सिडी सीधे नकद के रूप में दी जा सकती है। मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, मेरी अपनी प्राथमिकता है कि आप कीमतों में मामूली कटौती करें, पर गरीबों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए नकद सब्सिडी उपलब्ध कराएं। इस तरह आप उन्हें सीधे लाभ दे सकते हैं और आपको कीमतों के प्रबंधन की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो इससे बचने का कोई फूलप्रूफ तरीका नहीं है, क्योंकि भारत कच्चे तेल का शुद्ध आयातक है। बसु ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से हम प्रभावित होंगे। पिछले वित्तवर्ष में भारत के कच्चे तेल आयात का औसत मूल्य 85.09 डॉलर प्रति बैरल रहा था, जो चालू वित्तवर्ष में 110.55 डॉलर प्रति बैरल रहा है।


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