खास बातें
- आईसीआईसीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और देना बैंक ने अपनी उधारी दर बढ़ाने की घोषणा की है, जिससे आवास, वाहन और अन्य ऋण महंगे हो जाएंगे।
New Delhi: देश के सबसे बड़े निजी बैंक आईसीआईसीआई बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन ओवरसीज बैंक और देना बैंक ने अपनी उधारी दर बढ़ाने की घोषणा की है, जिससे इन बैंकों के आवास, वाहन और अन्य ऋण महंगे हो जाएंगे। आईसीआईसीआई बैंक ने एक बयान जारी कर कहा कि बैंक ने आधार दर चौथाई प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की है, जो 4 जुलाई, 2011 से प्रभावी होगी। संशोधित दर 9.50 प्रतिशत होगी। बैंक ने उपभोक्ता ऋणों के लिए फ्लोटिंग संदर्भ दर (एफआरआर) में भी चौथाई प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो सोमवार से प्रभावी होगी। वहीं दूसरी ओर, सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन ओवरसीज बैंक ने अपनी बेंचमार्क प्रधान उधारी दर चौथाई प्रतिशत बढ़ाकर 14.50 प्रतिशत कर दी है, जो पहले 14.25 प्रतिशत थी। यह वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू है। सार्वजनिक क्षेत्र के एक अन्य बैंक देना बैंक ने भी अपनी आधार दर चौथाई प्रतिशत बढ़ाकर 10.20 प्रतिशत करने की घोषणा की है, जबकि बैंक ने बेंचमार्क प्रधान उधारी दर चौथाई प्रतिशत बढ़ाकर 15.25 प्रतिशत कर दी है। देना बैंक की संशोधित दरें 2 जुलाई से प्रभावी हो गई। निजी क्षेत्र की एनबीएफसी दीवान हाउसिंग फाइनेंस ने भी अपनी खुदरा प्रधान उधारी दर चौथाई प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की। बीपीएलआर का इस्तेमाल 30 जून, 2010 तक मंजूर किए गए ऋणों एवं अग्रिमों पर ब्याज दरों का निर्धारण करने के लिए किया जाता है। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने गत 16 जून को अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दरें चौथाई प्रतिशत बढ़ा दी थी, जिसके बाद कई बैंकों ने अपनी उधारी दरें बढ़ाने का संकेत दिया था।