यह ख़बर 18 अगस्त, 2013 को प्रकाशित हुई थी

बैंकों की नीतियां सरकार से हटकर नहीं हो सकती : चिदंबरम

खास बातें

  • वित्तमंत्री ने कहा कि प्रत्येक कमाई करने वाले व्यक्ति का अधिकार है कि उसे बैंकिंग सेवाएं मिलें। बैंकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जो भी कर्ज लेने की योग्यता रखता है, उसे बैंकों से जरूरत के लिए कर्ज मिले।
शिवगंगा (तमिलनाडु):

वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने शनिवार को कहा कि बैंकों की नीतियां सरकार की नीतियों से हटकर नहीं हो सकती। सरकार चाहती है कि बैंकों की देशभर में अधिक शाखाएं होनी चाहिए, ताकि खेती, व्यवसाय और शिक्षा के लिए धन चाहने वालों की जरूरतें पूरी हो सकें।

शिवगंगा के निकट वानियांगुडी में इंडियन ओवरसीज बैंक की 3,000वीं शाखा का उद्घाटन करते हुए चिदंबरम ने कहा, सरकार...बैंकों और बैंक प्रबंधकों की अलग-अलग नीतियां नहीं हो सकतीं। सभी को सरकार की नीतियों का अनुसरण करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि 1970 में जब बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ, उस समय उनकी अधिक शाखाएं नहीं थीं, लेकिन आज शाखाएं खोलने की गति कहीं अधिक है। हमने सभी बैंकों से कहा है कि वे शाखाएं खोलें और वह ऐसा ही करेंगे। वित्तमंत्री ने कहा कि प्रत्येक कमाई करने वाले व्यक्ति का अधिकार है कि उसे बैंकिंग सेवाएं मिलें। बैंकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जो भी कर्ज लेने की योग्यता रखता है, उसे बैंकों से जरूरत के लिए कर्ज मिले।

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चिदंबरम ने कहा कि बैंकों को ग्रामीण इलाकों में शाखाएं खोलने के लिए इसलिए कहा जा रहा है कि लोगों को अपने उद्यम शुरू करने या फिर शिक्षा अथवा व्यवसाय के लिए उनकी जरूरत है।