यह ख़बर 16 जून, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'रिजर्व बैंक के कदम से वाहनों की मांग घटेगी'

खास बातें

  • रिजर्व बैंक के नीतिगत दरों में वृद्धि को लेकर वाहन उद्योग ने चिंता जताई है। उद्योग का मानना है कि इस कदम से देश में इस क्षेत्र में मांग और घटेगी।
Mumbai:

रिजर्व बैंक के नीतिगत दरों में वृद्धि को लेकर वाहन उद्योग ने चिंता जताई है। उद्योग का मानना है कि इस कदम से देश में इस क्षेत्र में मांग और घटेगी। महिंद्रा एंड महिंद्रा के अध्यक्ष (वाहन तथा कृषि उपकरण क्षेत्र) पवन गोयनका ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि रिजर्व बैंक के कदम का वाहन उद्योग पर नकारात्मक असर पड़ेगा। इसकी आशंका थी...अब यह देखने वाली बात होगी कि बैंक कितना बोझ ग्राहकों पर डालते हैं। गोयनका सोसाइटी ऑफ इंडियन आटोमोबाइल मैनुफैक्चर्स के अध्यक्ष भी हैं। रिजर्व बैंक ने रेपो और रिवर्स रेपो दोनों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की है। जनरल मोटर्स इंडिया के उपाध्यक्ष (कंपनी मामला) ए बालेन्द्रन ने कहा कि बाजार में पहले से ही नरमी है...इस वृद्धि से वाहन क्षेत्र प्रभावित होगा...यह चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि कच्चे माल की लागत तथा ईंधन मूल्य बढ़ने से ऑटोमोबाइल क्षेत्र पहले से ही दबाव में है। ऐसे में ब्याज दरों में वृद्धि से बिक्री प्रभावित होगी। वाहन कंपनी फिएट इंडिया ने भी यही बात कही। फिएट इंडिया के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव कपूर ने कहा कि रिजर्व बैंक के कदम से वाहन उद्योग प्रभावित होगा। उद्योग पर पहले से ही दबाव है और इस कदम से स्थिति और खराब होगी।


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