खास बातें
- प्राधिकरण के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे नोएडा एक्सटेंशन में किसानों के साथ संपर्क में हैं और जल्द ही कोई समाधान निकाल लिया जाएगा।
New Delhi: ग्रेटर नोएडा में करीब 600 एकड़ भूमि अधिग्रहण इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के एक दिन बाद इस घटना से प्रभावित बिल्डरों ने गतिरोध दूर करने और समाधान तलाशने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात की। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने बिल्डरों को अपनी समस्याओं और मांगों के साथ एक ज्ञापन सौंपने को कहा। रीयल एस्टेट कंपनी आम्रपाली के चेयरमैन अनिल शर्मा ने बताया, हमने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात की और उन्होंने हमें मुद्दों और जारी भूमि अधिग्रहण संकट के संभावित समाधान के साथ एक ज्ञापन सौंपने को कहा। एक अन्य रीयल एस्टेट कंपनी सुपरटेक के निदेशक मोहित अरोड़ा ने कहा कि प्राधिकरण के अधिकारियों ने हमें आश्वासन दिया है कि वे नोएडा एक्सटेंशन में किसानों के साथ संपर्क में हैं और जल्द ही कोई समाधान निकाल लिया जाएगा। मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पटवारी और देवला गांवों में 589.13 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण रद्द कर दिया। गौतमबुद्ध नगर जिले की दादरी तहसील में आने वाले इन गांवों में इस जमीन का अधिग्रहण ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा किया गया था। इसके बाद, रीयल एस्टेट कंपनियों के शीर्ष निकाय क्रेडाई ने कहा था कि वह हाईकोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा। हाईकोर्ट के निर्णय से 20,000 से अधिक ग्राहक और आम्रपाली, सुपरटेक, पंचशील, अरिहंत एवं निराला समेत विभिन्न डेवलपरों की 11 परियोजनाएं प्रभावित होंगी।