महिला सशक्तीकरण पर ज़ोर : Apple के भारतीय Eco-system में 70% से ज़्यादा महिलाएं

भारत में मंगलवार को एप्पल का पहला स्टोर मुंबई में खोला गया है. इस स्टोर का उद्घाटन कंपनी के सीईओ टिम कुक ने किया.

महिला सशक्तीकरण पर ज़ोर : Apple के भारतीय Eco-system में 70% से ज़्यादा महिलाएं

दिल्ली के साकेत में खुलने वाले एप्पल स्टोर की तस्वीर

नई दिल्ली:

भारत में आज एप्पल (Apple store in India) का पहला स्टोर मुंबई में खुल गया है. इससे एप्पल (Apple) भारत में अपने उत्पाद तैयार करने पर जोर दे रहा है. इतना ही नहीं चीन पर भी एप्पल भारत को तरजीह दे रहा है. एप्पल के वेंडरों और उनके इकोसिस्टम से 1 लाख से अधिक नौकरियां पैदा हुईं हैं. इन नौकरियों में  महिला श्रमिकों की संख्या 72 प्रतिशत हैं. एप्पल की प्रगति के साथ अधिकांश नौकरियां पिछले 20 महीनों में ही सृजित हुई हैं. गौर करने की बात यह है कि अधिकांश महिला श्रमिकों ने पहली बार नौकरी बाजार में प्रवेश किया है. इससे भारत की आधी आबादी के सुदृढ़ होने की नई कहानी लिखी जा रही है. 

एप्पल को कंपोनेंट सप्लाई करने वाली कंपनियों में ज्यादा महिला कामगार

जानकारी के अनुसार- एप्पल इकोसिस्टम में इसके तीन वेंडर फॉक्सकॉन (Foxconn), पेगाट्रॉन (Pegatron) और विस्ट्रॉन (Wistron) शामिल हैं, जो iPhones को एसेंबल करते हैं. साथ ही टाटा, सालकॉम्प, एवरी और जेबिल (Tatas, Salcomp, Avery, and Jabil ) जैसी कंपनियां इनको कंपोनेंट सप्लाई करते हैं. ये सभी देश में महिलाओं को अधिक संख्या में हायर करने वाले ब्रैंड बन गए हैं.  इन कामों में जिन 70,000 से अधिक महिलाओं को काम पर रखा गया है, उनमें से अधिकांश 19-24 वर्ष के आयु वर्ग में हैं, जिनकी औसत आयु 21 के करीब है. 

इन कंपनियों में 70 फीसदी से ज्यादा महिलाकर्मी

जब काम में लिंगानुपात की बात होती है, तब फॉक्सकॉन फैक्ट्री तीन वेंडरों में सबसे अच्छा प्रदर्शन करती दिखती है. यहां पर कुल 35,000 में से 30,000 महिला कर्मचारी हैं - यानी 85 प्रतिशत महिला कर्मचारी हैं. और इसके बाद जेबिल है जो कुल 6,000 में से 4,200 महिलाओं (70 प्रतिशत) को रोजगार देता है.

पीएम मोदी के साथ होगी महिला सशक्तिकरण पर चर्चा

जिन युवतियों को नौकरी पर रखा गया है, उनमें से अधिकांश ने बारहवीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की है या साधारण डिप्लोमा किया है. उनमें से लगभग सभी असेंबली लाइन्स पर काम कर रही हैं. Apple का इकोसिस्टम एक विशेष कौशल विकास कार्यक्रम चलाता है, जो युवतियों को कुछ हफ़्ते में ही प्रशिक्षित करने का काम करता है. बताया जा रहा है कि सीईओ टिम कुक की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में महिला सशक्तिकरण पर चर्चा होने की उम्मीद है.

दुनियाभर में एप्पल कंपनी की स्थिति

वहीं, जब हम एप्पल की आधिकारिक साइट पर देखते हैं तो पता चलता है कि एप्पल सामाजिक न्याय के साथ-साथ पर्यावरण संवर्धन के लिए भी कार्य कर रहा है. साइट दिए गए आंकड़ों के हिसाब से एप्पल में 34.8 प्रतिशत महिलाएं काम कर रही हैं. (Apple की साइट पर दिए गए 2021 के डेटा के अनुसार )

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टेक्निकल सेगमेंट में कंपनी में 24.4 प्रतिशत महिलाएं काम कर रही हैं. नॉन टेक सेंगमेंट में एप्पल में सबसे ज्यादा महिलाएं काम कर रही हैं.

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यहां पर 43.3 प्रतिशत महिलाएं नौकरी पर हैं. कंपनी के रिटेल विभाग में 37.1 प्रतिशत महिलाओं ने जिम्मेदारी संभाल रखी है. वहीं रिटेल लीडरशिप में एप्पल में 39.8 प्रतिशत महिलाओं को कमान अपने हाथों में ले रखी है. 

स्थिति को सुधारना ही होगा : टिम कुक

बता दें कि बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में टिम कुक ने पिछले साल कहा था कि उनकी कंपनी में भी महिलाओं की भागीदारी में कमी और वे इसमें सुधार करने पर जोर दे रहे हैं. इसके लिए उन्होंने यह भी कहा था कि इसके पीछे कोई भी बहाना नहीं चलेगा. स्थिति को सुधारना ही होगा. 

भारत में एप्पल की पहल कम से कम रंग ला रही है. आज एप्पल से जुड़ी कंपनियों की स्थिति बता रही है कि महिलाओं को उनका हक दिया जा रहा है. देश की प्रगति में महिलाओं का योगदान सराहनीय रहा है. समाज में महिलाओं के विकास के साथ पूरे समाज के विकास की कहानी लिखी जाती है और अंतत: यह देश के विकास की रीढ़ बन जाती है. 

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