Amazon दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स बाजारों में से एक है.
नई दिल्ली: ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिग्गज टेक और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजॉन (Amazon) ने अपने भारतीय डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस के कुछ हिस्सों को बंद करने का फैसला किया है. कंपनी ने कहा कि वह फूड डिलीवरी के साथ-साथ छोटे व्यवसायों के लिए पैकेज्ड कंज्यूमर गुड्स की बल्क डोरस्टेप डिलीवरी प्रोवाइड करने वाली सर्विस अमेजॉन डिस्ट्रीब्यूशन से बाहर निकल रही है. इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, कंपनी के इस फैसले का असर उसके हजारों कर्मचारियों में से कुछ पर देखने को मिलेगा. इसके तहत कंपनी उन कर्मचारियों की छंटनी करेगी, जो देश में ऑनलाइन रिटेल सेगमेंट में काम कर रहे हैं.
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंडी जेसी (Andy Jassy) Amazon के कई सेक्टर में सुस्त कारोबार के चलते दुनिया भर में खर्च और नौकरियों को कम करने को लेकर लागत-कटौती अभियान चला रहे है. रिपोर्ट में बताया गया है कि यह कदम आर्थिक मंदी को देखते हुए कंपनी ने यह कहम उठाया है. इसके साथ ही आर्थिक मंदी से निपटने के लिए अब कंपनी अपने मुख्य बिजनेस पर पूरा फोकस करेगी.
एक रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल अमेजॉन डिस्ट्रीब्यूशन सर्विस बेंगलुरू, मैसूर और हुबली में मौजूद है. इस बिजनेस सेगमेंट में करीब 50 कर्मचारी जुड़े हुए हैं. दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स बाजारों में से एक में शामिल अमेजॉन इन दिनों भारतीय बाजार में संघर्ष कर रहा है. उसे रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और टाटा समूह के साथ-साथ वॉलमार्ट इंक के फ्लिपकार्ट से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है.
हाल ही में कंपनी ने अपने दो अन्य वर्टिकल को भी बंद करने का ऐलान किया है. Amazon ने कहा था कि वह 29 दिसंबर से फूड डिलीवरी सर्विस को बंद करेगा. इसे बेंगुलरु में करीब दो साल पहले यानी मई 2020 में पायलट प्रोजेक्ट के तहत Amazon Food के नाम से शुरू किया गया था. वहीं, कंपनी ने हाल में अपने एडटेक यूनिट को भी बंद करने की घोषणा की है.
हालांकि, कंपनी ने यह साफ कर दिया है कि वह भारतीय बाजार में अपने ग्रॉसरी, स्मार्टफोन और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन एंड ब्यूटी के साथ अन्य सेगमेंट में निवेश करना जारी रखेगी.