यह ख़बर 02 जुलाई, 2013 को प्रकाशित हुई थी

जेट-एतिहाद समझौते का अजित ने किया बचाव, पीएमओ ने उठाए थे सवाल

खास बातें

  • गल्फ की एयरलाइन कंपनी एतिहाद ने दो हजार 58 करोड़ में जेट एयरवेज का 24 फीसदी शेयर खरीदने का प्रस्ताव रखा है, जिस पर पीएमओ ने गंभीर सवाल उठाए हैं, लेकिन नागरिक उड्डयन मंत्री का कहना है कि सरकार जेट−एतिहाद डील को लेकर पूरी प्रक्रिया का पालन कर रही है।
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री कार्यालय के  ऐतराज के बावजूद नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने जेट−एतिहाद डील का समर्थन और बचाव किया है। सोमवार को पीएमओ ने इस डील पर सवाल उठाए थे।

गल्फ की एयरलाइन कंपनी एतिहाद ने दो हजार 58 करोड़ में जेट एयरवेज का 24 फीसदी शेयर खरीदने का प्रस्ताव रखा है, जिस पर पीएमओ ने गंभीर सवाल उठाए हैं, लेकिन नागरिक उड्डयन मंत्री का कहना है कि सरकार जेट−एतिहाद डील को लेकर पूरी प्रक्रिया का पालन कर रही है।

सेबी और फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) इस डील को लेकर जो भी आशंकाएं हैं, उनका हल ढूंढ़ रही है।

दोनों एयरलाइन में इस समझौते की वजह से अब एतिहाद को 46 हजार सीटें अधिक मिलेंगी। यह सीटें भारत से अबू धाबी की उड़ानों में मिलेंगी।

इस पूरी मामले में अजित सिंह का कहना है कि यह डील उड्डयन क्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी डील है, जिसमें सबसे बड़ी विदेशी निवेश आया है। यह नियमानुसार 49 फीसदी विदेशी निवेश होगा।

पीएमओ कार्यालय के एक अधिकारी के नोट लिख इस मुद्दे को कैबिनेट में उठाए जाने की बात कही। वहीं, नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा इस तमाम अधिकारियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों को पीएमओ द्वारा दरकिनार करने की मांग की गई है।

जनता पार्टी के प्रमुख सुब्रह्मण्यम स्वामी और तृणमूल नेता दिनेश त्रिवेदी ने पीएमओ को खत लिखकर कहा है कि सरकार जेट-एतिहाद डील को बढ़ावा देने के लिए भारत और अबूधाबी के बीच उड़ाने बढ़ाने की बात कह रही है।

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पिछले माह एफआईपीबी ने इस इस मामले में और विवरण की मांग कर समझौते पर अपनी स्वीकृति नहीं दी।