यह ख़बर 22 दिसंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

ब्रिटिश, अमेरिकन एयरलाइंस पर एक लाख रुपये जुर्माना लगा

खास बातें

  • एक जिला उपभोक्ता मंच ने ब्रिटिश एयरवेज तथा अमेरिकन एयरलाइंस को अमेरिका में रह रहे प्रवासी भारतीय को एक लाख रुपया बतौर मुआवजा देने को कहा है।
नई दिल्ली:

एक जिला उपभोक्ता मंच ने ब्रिटिश एयरवेज तथा अमेरिकन एयरलाइंस को अमेरिका में रह रहे प्रवासी भारतीय को एक लाख रुपया बतौर मुआवजा देने को कहा है। यह आदेश प्रवासी भारतीय :एनआरआई: के कालीकट दौरे के दौरान सामान की डिलीवरी में हुई देरी के जुर्मानास्वरुप देने को कहा गया है। प्रवासी भारतीय ने 2006 में अपने गृहनगर केरल के कालीकट की यात्रा की थी, उस दौरान उनके सामान की डिलीवरी में काफी विलम्ब हुआ था। जिला उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष सी के चतुर्वेदी तथा सदस्य नीरू मित्तल तथा एस आर चौधरी की पीठ ने दोनों एयरलाइंस को एनआरआई को हुई परेशानी के एवज में मुआवजा देने का निर्देश दिया। प्रवासी भारतीय को सामान तब लौटाया गया जब वह 12 दिन की कालीकट यात्रा के बाद न्यूयार्क वापस लौट गये। मंच ने कहा, हम एनआरआई को हुई परेशानी के एवज में एक लाख रुपये देने का निर्देश देते हैं। यह राशि अमेरिकन एयरलाइंस तथा ब्रिटिश एयरवेज आपस में 30:70 के अनुपात में बांट सकती हैं। न्यूयार्क में रहने वाले डाक्टर मनोज कुमार की याचिका पर मंच ने यह आदेश दिया। कुमार ने 18 अगस्त 2006 को न्यूयार्क से दिल्ली तथा वापसी टिकट 30 अगस्त 2006 के लिये बुक कराया था। जारी न्यूयार्क से लंदन के लिये उन्होंने अमेरिकन एयरलाइंस से टिकट लिया था जबकि लंदन से नई दिल्ली के लिये उन्होंने टिकट इंडियन एयरलाइंस में बुक कराया था। उन्हें अपना सामान न्यूयार्क से सीधे नई दिल्ली के लिये अमेरिकन एयरलाइंस में बुक कराया था। चूंकि न्यूयार्क से लंदन के लिये उड़ान भरने वाली अमेरिकन एयरलाइंस में देरी हुई, अत: उन्होंने ब्रिटश एयरवेज से यात्रा की। नई दिल्ली पहुंचने के बाद कुमार को सामान नहीं मिला। उन्हें ब्रिटिश एयरवेज ने आश्वस्त किया है कि उनका सामान कालीकट पहुंच जाएगा। बहरहाल, उनके न्यूयार्क लौटने के बाद ही उन्हें अपना सामान मिला।


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