खास बातें
- दूरसंचार कम्पनी एयरटेल द्वारा अपनी कॉल दर 20 फीसदी से अधिक बढ़ाने की घोषणा के बाद अब छोटी दूरसंचार कम्पनियां भी कॉल दरें बढ़ा सकती हैं।
नई दिल्ली: दूरसंचार कम्पनी एयरटेल द्वारा अपनी कॉल दर 20 फीसदी से अधिक बढ़ाने की घोषणा के बाद अब छोटी दूरसंचार कम्पनियां भी कॉल दरें बढ़ा सकती हैं। यह मानना है दूरसंचार उद्योग के जानकारों का। दूरसंचार उद्योग के जानकार और परामर्श कम्पनी कॉमफर्स्ट इंडिया के निदेशक महेश उप्पल ने कहा, "एयरटेल की घोषणा के साथ अच्छी बात यह है कि जब एक बड़ी कम्पनी इस तरह की घोषणा करती है, तो छोटी कम्पनियों के लिए दर बढ़ाना आसान हो जाता है। उनकी आमदनी थोड़ी बढ़ जाएगी। कॉल दर कम रखने से उन्हें कोई फायदा नहीं होगा।" एयरटेल ने शुक्रवार को अपनी विभिन्न कॉल योजनाओं की दर में 20 से 25 फीसदी की वृद्धि कर दी। यह वृद्धि देश भर में चुनी हुई जगहों पर की गई हैं, जैसे दिल्ली, आंध्र प्रदेश, केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात। आइडिया सेल्युलर ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया, लेकिन कम्पनी के एक अधिकारी ने कहा कि कॉल दरें बहुत नीचे चल रही थीं, जिस पर दूरसंचार कम्पनियों के लिए लम्बे समय तक काम कर पाना सम्भव नहीं था। उन्होंने कहा कि कम्पनी बाजार का अपनी तरह से विश्लेषण करेगी और अपने हिसाब से फैसला लेगी। एक अन्य कम्पनी ने कहा कि देश में मोबाइल सेवा की कॉल दरें दुनिया में सर्वाधिक कम हो गई थीं। इससे और अधिक नीचे जाना सम्भव नहीं था। दूरसंचार उद्योग में नए खिलाड़ियों के प्रवेश करने से कीमतों को लेकर हुई जंग के बाद कॉल दरें पहले से ही काफी नीचे चल रही थीं, तिस पर से 3जी की नीलामी में भी बड़ी कम्पनियों ने भारी भड़कम राशि खर्च की, जिससे कम्पनियों के मुनाफे पर काफी दबाव महसूस किया जा रहा था।