यह ख़बर 17 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

हड़ताली पायलटों पर चलाएं अवमानना का मामला : हाई कोर्ट

खास बातें

  • दिल्ली उच्च न्यायालय ने आंदोलनकारी एयर इंडिया पायलटों की याचिका खारिज की। पायलटों ने यह याचिका एक न्यायाधीश वाली पीठ के उस फैसले के खिलाफ दायर की थी जिसमें उनकी हड़ताल का अवैध ठहराया गया था। साथ ही कोर्ट ने हड़ताल पर बैठे पायलटों अवमानना का मुकदमा चलाने
नई दिल्ली:

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आंदोलनकारी एयर इंडिया पायलटों की याचिका खारिज की। पायलटों ने यह याचिका एक न्यायाधीश वाली पीठ के उस फैसले के खिलाफ दायर की थी जिसमें उनकी हड़ताल का अवैध ठहराया गया था। साथ ही कोर्ट ने हड़ताल पर बैठे पायलटों  अवमानना का मुकदमा चलाने का आदेश भी दिया है।

पायलटों की दलील है कि बिना उनका पक्ष सुने ही यह फैसला दे दिया गया। इस बीच एयर इंडिया के लिए राहत की खबर यह है कि आज उसकी कोई भी उड़ान रद्द नहीं है। एयर इंडिया की तरफ से बुधवार को यह बताया गया था कि बीमारी की बात कर नहीं आने वाले तीन पायलट काम पर लौट आए हैं जबकि इंडियन पायलट गिल्ड का कहना है कि काम पर लौटे पायलट उनके संगठन से जुड़े हुए हैं।

बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने एयर इंडिया के 200 पायलटों से अधिक के एक धड़े की उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था है जिसमें इसी न्यायालय की एक एकल पीठ के पहले के निर्णय को चुनौती दी गयी है। एकल पीठ ने चिकित्सा अवकाश और प्रदर्शन के रूप में उनकी मौजूदा हड़ताल को गैरकानूनी करार दिया है।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति राजीव शकधर की दो सदस्यीय पीठ ने इन पायलटों के फोरम इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) की याचिका पर अपना निर्णय गुरुवार को सुना दिया। आईपीजी इंडियन एयरलाईन्स और एयर इंडिया के विलय से पहले की कंपनी मूल एयर इंडिया के पायलटों का प्रतिनिधित्व करता है।

पीठ ने आईपीजी ने याचिका में कहा है कि पायलटों को हड़ताल जाने पर कानूनी रोक लगाने और हड़ताल को अवैध करार देने का निर्णय उनकी (आईपीजी) की अनुपस्थिति में सुनाया गया। उसने कहा है कि इस तरह का निर्णय बिना अधिकार के सुना दिया गया। आईजीपी ने कहा कि इस मामले में फैसला देना दिल्ली उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार में नहीं है क्यों कि आईजीपी का कार्यालय मुंबई में है।

नौ मई को न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल ने एयर इंडिया के 200 पायलटों पर चिकित्सा अवकाश और प्रदर्शन के जरिए अपनी गैरकानूनी हड़ताल करने पर रोक लगाई थी। इससे एक दिन पहले एयर इंडिया प्रबंधन ने 10 पायलटों को बर्खास्त कर दिया था और उनके संगठन की मान्यता समाप्त कर दी थी।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

(इनपुट भाषा से भी)