खास बातें
- वित्तीय संकट झेल रही एयर इंडिया ने खर्च में कटौती के लिए अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) का प्रस्ताव दिया है।
नई दिल्ली: वित्तीय संकट झेल रही एयर इंडिया ने खर्च में कटौती के लिए अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) का प्रस्ताव दिया है। एयर इंडिया बोर्ड सोमवार को एक बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार करेगा।
नागर विमानन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "एयर इंडिया के कर्मचारियों के लिए वीआरएस का प्रस्ताव पहली बार दिया गया है। मानव संसाधन पर आ रहे खर्च में कटौती के लिए यह एक बड़ा कदम है।" उन्होंने कहा, "यदि सहमति बनी तो यह योजना सरकार के समक्ष स्वीकृति के लिए रखी जाएगी क्योंकि योजना के लिए कोष का विशेष प्रावधान करना होगा।"
वीआरएस को कर्मचारियों की मौजूदा संख्या में कमी लाने के लिए सर्वाधिक मानवीय तरीका बताया गया है।
यह योजना एयरलाइन के एक्जीक्यूटिव कैडर के कर्मचारियों के लिए होगी जिसके दायरे में प्रबंधन के कर्मचारी भी आएंगे। यह योजना पायलट, इंजीनियर और केबिन क्रू जैसे विमान संचालन से जुड़े कर्मियों पर लागू नहीं होगी। इस योजना को इस वर्ष अप्रैल में कैबिनेट ने मंजूरी दी थी।
एयरलाइन में इस समय कर्मचारियों की संख्या 30,000 है। इनमें से 19,000 कर्मचारियों की तैनाती रखरखाव, मरम्मत, जांच और विमान को जमीन पर उतारने के कार्य सम्बंधी इकाई में की जाएगी।
बोर्ड नौसेना के काम आने वाले बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की उड़ान शुरू करने की तारीख भी तय करेगा। साथ ही पायलटों की 19 दिनों से चल रही हड़ताल के कारण अंतरराष्ट्रीय विमानों के परिचालन में आ रहे व्यवधान को दूर करने पर विचार करेगा।
उल्लेखनीय है कि पायलटों की हड़ताल के कारण एयरलाइन को 290 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।