खास बातें
- पायलटों की हड़ताल के कारण एयर इंडिया को सोमवार को कुल 165 उड़ानें रद्द करनी पड़ी अथवा उनके समय में बदलाव करना पड़ा।
नई दिल्ली: पायलटों की हड़ताल के कारण एयर इंडिया को सोमवार को कुल 165 उड़ानें रद्द करनी पड़ी अथवा उनके समय में बदलाव करना पड़ा। एयर इंडिया के 1,600 पायलटों में से लगभग आधे की हड़ताल सोमवार को लगातार छठे दिन भी जारी रही, जबकि दिल्ली उच्च न्यायालय हड़ताल वापस लेने के आदेश का पालन नहीं करने के कारण हड़ताली पायलटों की यूनियन के अधिकारियों खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई करने वाली है। विमानन कम्पनी ने मुम्बई से उड़ान भरने वाली तथा मुम्बई में उतरने वाली 35 उड़ानें सोमवार को रद्द कीं, जबकि कोलकाता से 11 उड़ानें रद्द की गईं। विमानन कम्पनी के एक अधिकारी ने देश भर में संचालित की जाने वाली कम्पनी की घरेलू उड़ानों के बारे में कहा, "आज घरेलू मार्गों पर लगभग 60 उड़ानें सचालित की जाएंगी। लगभग 165 उड़ानें या तो रद्द की गईं हैं या उनके समय में बदलाव किए गए हैं।" हड़ताल के कारण सोमवार को एयर इंडिया की कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी प्रभावित हुईं। लंदन, दुबई और काठमांडू तथा कुछ अन्य जगह जाने वाली 43 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द किया गया। उड़ान रद्द होने के कारण प्रभावित यात्रियों को इस दौरान निजी विमान सेवाओं की टिकटों के लिए 50-75 फीसदी अधिक किराए का भुगतान करना पड़ा। अधिकारी ने कहा कि एयर इंडिया की सहायक कम्पनी एलायंस एयर की 100 घरेलू उड़ानों के संचालन पर प्रभाव नहीं पड़ा है। अधिकारी ने कहा कि गुरुवार से विमानन कम्पनी ने कम उड़ानों के साथ बड़े आकार के विमानों को सेवा पर लगाने की रणनीति पर अमल किया। इस दौरान किंगफिशर एयरलाइंस के एयरबस विमान भी किराए पर लेकर चलाए गए। अधिकारी ने कहा कि वे चार मई तक नए टिकटों की बुकिंग नहीं कर रहे हैं, इसलिए यात्रियों का दबाव भी लगातार घटता जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि वे इस स्थिति से आसानी से निकल जाएंगे। न्यायालय ने पिछले सप्ताह युनियन को हड़ताल वापस लेने का आदेश दिया था, जिसकी अनदेखी की गई। अवमानना के दोषी पाए जाने पर युनियन के वरिष्ठ अधिकारियों को छह माह की जेल हो सकती है। एयर इंडिया के पास कुल लगभग 1,600 पायलट हैं और वह रोजाना 320 उड़ानें संचालित करती है। उड़ान रद्द किए जाने के कारण हजारों यात्रियों को निजी विमान सेवाओं के टिकट हासिल करने के लिए सामान्य से काफी अधिक किराए का भुगतान करना पड़ा। दिल्ली-मुम्बई मार्ग पर कुछ यात्रियों की शिकायतों के मुताबिक अंतिम समय के लिए 2,400-3,000 आधार दर वाले किराए को बढ़ाकर 7,500 रुपये तक कर दिया गया, जिसके कारण एक ओर का किराया बढ़कर लगभग 11,500 रुपये तक पहुंच गया। यात्रियों की असुविधा और किराए में भारी वृद्धि को देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने विमानन कम्पनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक बुलाई है। एक अधिकारी ने कहा कि पायलटों की कमी के कारण एयर इंडिया की उड़ानें अगले सप्ताह भी बाधित रहेंगी। कम्पनी ने अपने वेबसाइट पर छह मई तक के लिए उड़ानों के कार्यक्रम लगा दिए हैं। भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ के हड़ताल करने वाले पायलट वे पायलट हैं, जिन्होंने पहले इंडियन एयरलाइंस के साथ काम किया है, और जिसका एयर इंडिया में विलय कर दिया गया था। पायलट एयर इंडिया के अपने अन्य साथियों के समान वेतन की मांग कर रहे हैं। हड़ताली पायलटों ने रविवार शाम समान वेतन की मांग करते हुए गेटवे ऑफ इंडिया पर मोमबत्तियां लेकर जुलूस निकाला और प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उन्हें बातचीत के लिए नहीं बुलाया जा रहा है।