खास बातें
- योजना आयोग ने कहा कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर इस वित्त वर्ष में 8-8.5 प्रतिशत रह सकती है लेकिन मौजूदा हालात में वह नौ प्रतिशत की वृद्धि दर शायद हासिल नहीं कर पाए।
नई दिल्ली: योजना आयोग ने बृहस्पतिवार को कहा कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर इस वित्त वर्ष में 8-8.5 प्रतिशत रह सकती है लेकिन मौजूदा हालात में वह नौ प्रतिशत की वृद्धि दर शायद हासिल नहीं कर पाए। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने संवाददाताओं से कहा, 'मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि 2011-12 में नौ प्रतिशत की वृद्धि दर व्यावहारिक नहीं दिखती। लेकिन आठ प्रतिशत से ऊपर कुछ भी बहुत अच्छी रहेगी।' उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि दर के लक्ष्य को नौ प्रतिशत से नीचे करना तर्कसंगत होगा। रिजर्व बैंक इसे 8 प्रतिशत कर चुका है। मेरा मानना है कि यह आठ प्रतिशत से ऊपर रहेगी और 8.5 प्रतिशत अतार्किक नहीं होगी। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा जनवरी में 9 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का अनुमान व्यक्त किये जाने के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा जनवरी से अब तक दुनिया में कई तरह के घटनाक्रम हुये हैं, इसके साथ ही औद्योगिक वृद्धि में भी कुछ सुस्ती आई है। औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों के मामले में भी उन्होंने कहा 7.8 प्रतिशत के आंकड़े कोई बड़ा अचम्भा नहीं है, यह वही है जो हम सोच रहे थे। सबसे बड़ी बात यह है कि मासिक आंकडों में उल्लेखनीय सुधार दिखाई दिया है यह स्वाग्त योग्य है।