सर्वे में लगभग 78% भारतीय सीईओ (Indian CEO) ने कहा कि अगले 12 महीने में वैश्विक आर्थिक वृद्धि में गिरावट आएगी.
नई दिल्ली: Indian CEOs plans to Cut Operating Costs: कई भारतीय सीईओ (Indian CEO बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के ऑपरेटिंग कॉस्ट (Operating Costs)को कम कर रहे हैं या कम करने की योजना बना रहे हैं. हालांकि, देश की आर्थिक संभावनाओं को लेकर वे अन्य देशों के सीईओ की तुलना में अधिक आशान्वित हैं. विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) की वार्षिक बैठक के पहले दिन सोमवार को सलाहकार कंपनी पीडब्ल्यूसी (PwC) द्वारा जारी वैश्विक सीईओ सर्वे (Global CEO Survey) में यह खुलासा हुआ है.
हालांकि, ज्यादातर कंपनियों की अपने कर्मचारियों की संख्या या वेतन में कटौती (Salary Cut) योजना नहीं है. सर्वे में 10 में से चार (वैश्विक स्तर पर 40 प्रतिशत और भारत में 41 प्रतिशत) सीईओ ने कहा कि यदि वे मौजूदा रास्ते पर चलते रहते हैं, तो उन्हें नहीं लगता कि 10 साल बाद उनकी कंपनी आर्थिक रूप से व्यवहार्य रह जाएगी. मौजूदा हालात पर 93 प्रतिशत भारतीय सीईओ ने कहा कि वे अपनी ऑपरेटिंग कॉस्ट घटा रहे हैं या घटाने की योजना बना रहे हैं. इसके अलावा 85 प्रतिशत वैश्विक और 81 प्रतिशत एशिया-प्रशांत के सीईओ ने भी कुछ इसी तरह की राय दी है.
जबकि लगभग 78 प्रतिशत भारतीय सीईओ (Indian CEO) ने कहा कि अगले 12 महीने में वैश्विक आर्थिक वृद्धि में गिरावट आएगी. वैश्विक स्तर पर 73 प्रतिशत और एशिया-प्रशांत के 69 प्रतिशत सीईओ ने भी यही राय व्यक्त की.
इस सर्वे में वैश्विक आर्थिक हालात निराशाजनक रहने की आशंका के बावजूद भारत के 10 में से पांच से ज्यादा यानी 57 प्रतिशत सीईओ अगले एक साल के दौरान देश की अर्थव्यवस्था को लेकर आशान्वित दिखे हैं. इसकी तुलना में एशिया प्रशांत के केवल 37 प्रतिशत और वैश्विक स्तर पर और कम यानी 29 प्रतिशत सीईओ अगले 12 महीनों में अपने देशों या क्षेत्रों में आर्थिक वृद्धि को लेकर आशान्वित थे.
पीडब्ल्यूसी ने कहा कि भू-राजनीतिक चिंता के बीच सीईओ इसकी वजह से होने वाली रुकावट को भी अपनी योजना में शामिल कर रहे हैं. यह पूछे जाने पर कि यूरोप में तनाव के बीच वे क्या करेंगे, 67 प्रतिशत भारतीय सीईओ ने कहा कि वे अपनी आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को बेहतर कर रहे हैं. वहीं 59 प्रतिशत का कहना था कि वे अपने प्रोडक्ट और सर्विस में डायवर्लिटी ला रहे हैं, जबकि 50 प्रतिशत ने कहा कि वे साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्राइवेसी पर निवेश बढ़ा रहे हैं. इसके अलावा 48 प्रतिशत सीईओ ने मौजूदा बाजारों में मौजूदगी बढ़ाने या नए बाजारों में विस्तार की बात कही है.
यह सर्वे 105 देशों और सेक्टर्स के 4,410 सीईओ के बीच किया गया. इनमें 68 भारतीय सीईओ शामिल थे है. यह सर्वे अक्टूबर-नवंबर, 2022 के दौरान हुआ था.