यह ख़बर 11 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

7000 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद परियोजनाओं को हरी झंडी

खास बातें

  • सेना के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज करते हुए रक्षा मंत्रालय ने अमेरिका से 3000 करोड़ रुपये की लागत से 145 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जरों की खरीद समेत 7000 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी।
नई दिल्ली:

सेना के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज करते हुए रक्षा मंत्रालय ने अमेरिका से 3000 करोड़ रुपये की लागत से 145 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जरों की खरीद समेत 7000 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी।

रक्षा मंत्री एके एंटनी की अध्यक्षता में हुई सैन्य अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में विदेश सैन्य खरीद (एफएमएस) मार्ग से 145 एम 777 हॉवित्जरों और कई अन्य वस्तुओं की खरीद को हरी झंडी देने का फैसला किया गया।

रक्षा सूत्रों ने बताया कि डीएसी ने एल-70 हवाई रक्षा तोपों के लिए 65 से अधिक राडार की खरीद के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी। इसपर लागत 3000 करोड़ रुपये से अधिक आएगा।

डीएसी द्वारा मंजूर की गई परियोजनाओं को अब रक्षा मंत्रालय के समक्ष स्वीकृति दिए जाने के लिए रखा जाएगा। उसके बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) के समक्ष रखा जाएगा।

155 मिमी (39 कैलिबर) के अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर का अधिग्रहण अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनाती के लिए किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि विगत 26 सालों में सेना पहली बार हॉवित्जर हासिल करेगी।

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1986 में बोफोर्स विवाद के बाद सेना ने अपने शस्त्रागार के लिए किसी नए तोप की खरीद नहीं की है।