खास बातें
- चिदंबरम ने दूसरी तिमाही में हासिल 5.3 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि को उम्मीद से कम बताया है। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में हल्की वर्षा और विनिर्माण क्षेत्र का कमजोर प्रदर्शन इसकी मुख्य वजह रही।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने दूसरी तिमाही में हासिल 5.3 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि को उम्मीद से कम बताया है। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में हल्की वर्षा और विनिर्माण क्षेत्र का कमजोर प्रदर्शन इसकी मुख्य वजह रही।
जुलाई से सितंबर 2012 की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के जारी आधिकारिक आंकड़ों के बाद अपने वक्तव्य में चिदंबरम ने कहा, कुल मिलाकर वृद्धि दर हमारी उम्मीद से कम रही है। जीडीपी वृद्धि एक साल पहले इसी अवधि में 6.7 प्रतिशत रही थी, जबकि इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 5.5 प्रतिशत रही।
30 सितंबर को समाप्त तिमाही में कृषि क्षेत्र की वृद्धि 1.2 प्रतिशत रही। हालांकि पिछले साल इसमें इस दौरान 3.1 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
चिदंबरम ने कहा, खासकर जून-जुलाई में सामान्य से कम वर्षा की वजह से कृषि और संबंधित क्षेत्र की वृद्धि में गिरावट आई है। खरीफ फसल पर इसके प्रभाव से आर्थिक वृद्धि की दर नीचे आई। उन्होंने कहा कि मुख्यतौर पर विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन से समूचे औद्योगिक क्षेत्र की वृद्धि दर कमजोर रही। उद्योग क्षेत्र में दूसरी तिमाही में 0.8 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज की गई जबकि एक साल पहले यह इस दौरान 2.9 प्रतिशत रही थी। बीमा, रीयल एस्टेट सहित सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 9.4 प्रतिशत रही।
चिदंबरम ने कहा, इस साल दूसरी तिमाही में सेवा क्षेत्र की वृद्धि पहली तिमाही के मुकाबले कुछ बेहतर रही, हालांकि, यह अभी भी इसके तेज रुझान को देखते हुए कम है। पहली और दूसरी तिमाही की आर्थिक वृद्धि के आंकड़े आने के बाद चालू वित्त वर्ष के पहली छमाही में आर्थिक वृद्धि 5.4 प्रतिशत रही है, जो कि पिछले साल इसी अवधि में 7.3 प्रतिशत के उच्चस्तर पर थी।