खास बातें
- 2जी घोटाले की जांच के सिलसिले में गवाही के लिए अनिल और टीना अंबानी को बतौर गवाह बुलाने पर अदालत ने अपना फैसला 19 तारीख तक के लिए सुरक्षित रख लिया है।
नई दिल्ली: 2जी मामलों की सुनवाई कर रही दिल्ली की विशेष अदालत रिलायंस एडीएजी के अध्यक्ष अनिल अंबानी, उनकी पत्नी टीना अंबानी और कुछ अन्य को अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर तलब करने की जांच एजेंसी सीबीआई की अर्जी पर फैसला 19 जुलाई को सुनाएगी।
सीबीआई की विशेष अदालत ओपी सैनी ने सीबीआई और बचाव पक्ष की याचिका पर सुनवाई करने के बाद कहा, दलीलें सुन ली गई हैं। फैसला 19 जुलाई को सुनाया जाएगा। आज की सुनवाई के दौरान विशेष सरकारी वकील यूयू ललित ने कहा कि अनिल अंबानी ही वह व्यक्ति हैं, जो स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड में रिलायंस एडीएजी कंपनियों के 990 करोड़ रुपये से अधिक के कथित निवेश से जुड़े मामले और अन्य मामलों पर रोशनी डाल सकते हैं। स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा इसी अदालत में चल रहा है।
ललित ने आरोप लगाया ‘‘शायद वह (अनिल अंबानी) उस बैठक में शामिल नहीं थे, जिसमें यह फैसला किया गया, लेकिन वह इस बात से वाकिफ थे और मेरे हिसाब से इतना काफी है। 992 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। उन्हें इस घटनाक्रम के बारे में पता था। वह ऐसे व्यक्ति हैं, जो इस मामले में रोशनी डाल सकते हैं। उन्होंने अदालत से यह भी कहा कि जहां तक बैठक का सवाल है तो टीना अंबानी ने इससे जुड़ी बैठकों की अध्यक्षता की थी।
सीबीआई की याचिका का विरोध करते हुए वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने इस मामले में फंसे रिलायंस एडीएजी के तीन शीर्ष कार्यकारियों की ओर से पेश करते हुए कहा कि जांच एजेंसी की ओर से आवेदन करने में देरी से पता चलता है कि यह सच्ची नहीं है। उन्होंने कहा, यह याचिका सुनवाई के आखिर में आई, जिससे पता चलता है कि यह आवश्यक या महत्वपूर्ण नहीं है।