खास बातें
- डीबी रीयल्टी के प्रबंध निदेशक विनोद गोयनका ने 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले में उन पर अभियोग चलाने के निचली अदालत के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
नई दिल्ली: डीबी रीयल्टी के प्रबंध निदेशक विनोद गोयनका ने 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले में उन पर अभियोग चलाने के निचली अदालत के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। गोयनका की याचिका पर अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। गोयनका की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति एमएल मेहता ने सीबीआई को 13 मार्च के लिए नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
गोयनका को 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले में उनकी कथित भूमिका के लिए 20 अप्रैल, 2011 को गिरफ्तार किया गया था। उच्चतम न्यायालय ने 23 नवंबर, 2011 को उनको जमानत पर छोड़ने का निर्देश दिया। अभी तक 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले के 10 आरोपी निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे चुके हैं। निचली अदालत ने पिछले साल 22 अक्तूबर को सभी 17 नामजद लोगों के खिलाफ अभियोग पत्र निर्धारित कर मुकदमा चालने का फैसला किया था।
जो दस आरोपी अभी तक हाईकोर्ट गए हैं उनमें गोयनका के अलावा पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, रिलायंस एडीएजी के अधिकारी..समूह प्रबंध निदेशक गौतम दोषी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरि नायर और समूह अध्यक्ष सुरेंद्र पिपारा, यूनिटेक के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा, कुसेगांवा फ्रूट्स एडं वेजिटेबल्स के निदेशक राजीव अग्रवाल और आसिफ बलवा शामिल हैं। दूरसंचार कंपनियों रिलायंस टेलीकाम और यूनिटेक ने भी निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है। विशेष सीबीआई जज ओपी सैनी ने 17 आरोपियों के खिलाफ आईपीसी और भ्रष्टाचार रोधक कानून के तहत साजिश, विश्वासघात , घोखाधड़ी और पद के दुरुपयोग का अभियोग चलाने का निर्णय किया है।