खास बातें
- अदालत ने 20 लाख रुपये के निजी मुचलके और दो लाख रुपये के बॉन्ड पर जमानत मंजूर करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री पर कोर्ट से बिना अनुमति लिए तमिलनाडु जाने पर रोक लगा दी है।
नई दिल्ली: 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा 15 माह बिताने के बाद मंगलवार शाम तिहाड़ जेल से बाहर आए। उन्हें मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने जमानत दी, लेकिन यह पाबंदी भी लगाई कि वह बिना अनुमति दूरसंचार विभाग और अपने गृह राज्य तमिलनाडु नहीं जाएंगे।
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के 14 आरोपियों में राजा ही अब तक जेल में बंद थे। अन्य 13 आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी थी। राजा फरवरी, 2011 से ही तिहाड़ जेल में थे। इस मामले में तीन कम्पनियों को भी आरोपी बनाया गया है।
इससे पहले, 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से जुड़े मामलों में पूर्व टेलीकॉम मंत्री ए राजा को भी पटियाला हाउस अदालत ने अन्य आरोपियों की तरह मंगलवार को जमानत दे दी है। अदालत ने 20 लाख रुपये के निजी मुचलके और दो लाख रुपये के बॉन्ड पर जमानत मंजूर करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री पर कोर्ट से बिना अनुमति लिए तमिलनाडु जाने पर रोक लगा दी है। राजा अब दिल्ली स्थित अपने निवास पर पहुंच गए हैं।
सीबीआई ने सुनवाई के दौरान जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि ए राजा ही पूरे घोटाले के सूत्रधार हैं, और जमानत दिए जाने पर वह केस में सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। मामले में बाकी सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं, लेकिन बाकी आरोपियों के साथ ए राजा ने पहले जमानत की अर्जी नहीं दी थी।
वहीं राजा के वकीलों ने कहा है कि दूसरे आरोपियों को जमानत मिल गई है तो राजा को भी मिलनी चाहिए।