यह ख़बर 11 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

कलेंगनर में पैसा लगाने वाली 19 कंपनियों पर नजर

खास बातें

  • आयकर विभाग द्वारा 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में धन की प्रवाह की जांच अब कोलकाता की 19 संदिग्ध कंपनियों पर आकर टिक गई है।
नई दिल्ली:

आयकर विभाग द्वारा 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में धन की प्रवाह की जांच अब कोलकाता की उन 19 संदिग्ध कंपनियों पर आकर टिक गई है, जिनका कलेंगनर टीवी ने कथित रूप से सिनेयुग के 230 करोड़ रुपये के लौटाने के लिए इस्तेमाल किया है। यह राशि कलेंगनर ने कर्थित तौर पर कर्ज के रूप में ली थी। स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की अपनी जांच के दौरान आयकर विभाग ने कोलकाता की 19 कंपनियों पर शिकंजा कसा है, जिनका इस्तेमाल कलेंगनर टीवी को 52.20 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए किया गया। कलेंगनर टीवी में द्रमुक सांसद कनिमाई की 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। इन कंपनियों से धन का स्थानांतरण सफायर मीडिया एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर को किया गया जिसने अंजुगम फिल्म्स प्राइवेट लि. को 83 करोड़ रुपये का ऋण दिया, उसने आगे कलेंगनर टीवी को 69.61 करोड़ रुपये का ऋण दिया। यह राशि कलेंगनर टीवी सिनेयुग मीडिया एंड एंटरटेनमेंट के 200 करोड़ रुपये के ऋण के लिए 230.32 करोड़ रुपये वापस करने की तथाकथित योजना के तहत की गई। कलेंगनर टीवी को सिनेयुग मीडिया से दिसंबर, 2008 से अगस्त, 2009 के बीच 200 करोड़ रुपये मिले। सीबीआई का कहना है कि यह राशि डीबी समूह के प्रवर्तक शाहिद बलवा ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के कार्यकाल में अपनी कंपनी स्वान टेलीकाम के लिए 2जी स्पेक्ट्रम का आवंटन पाने के लिए रिश्वत के रूप में दी थी। सीबीआई का आरोप है कि इस मामले की जांच शुरू होने के साथ ही कलेंगनर टीवी ने इस पैसे को लौटाने का प्रयास शुरू किया जिससे यह दिखाया जा सके कि यह राशि कर्ज के रूप में ली गई थी। कलेंगनर टीवी में तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के परिवार की 80 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।


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