करीब दो दशक पहले सैफ अली खान ने अपने करियर का सबसे साहसी फैसला लेते हुए फिल्म ‘ओमकारा' में काम किया था. उस समय वह रोमांटिक और चॉकलेटी हीरो की छवि के लिए जाने जाते थे, लेकिन इस फिल्म में उन्होंने खुद को पूरी तरह बदलकर लंगड़ा त्यागी जैसा नकारात्मक और जटिल किरदार निभाया. इस फैसले ने साबित कर दिया कि बड़े सितारों को हमेशा सुरक्षित भूमिकाओं तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है. 2006 में रिलीज हुई ‘ओमकारा' को न सिर्फ इसकी दमदार कहानी के लिए सराहा गया, बल्कि इसके शानदार अभिनय के लिए भी याद किया जाता है.
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लंगड़ा त्यागी ने बदल डाली सैफ की जिंदगी
फिल्म में सैफ अली खान का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. उन्होंने एक ऐसे किरदार को जिया जो चालाक, क्रूर और नैतिक रूप से बेहद उलझा हुआ था. उस दौर में जब मुख्यधारा के सितारे ऐसे जोखिम लेने से बचते थे, सैफ ने यह बड़ा दांव खेला और इंडस्ट्री में एक नई सोच की शुरुआत की. लंगड़ा त्यागी के किरदार के लिए सैफ ने अपनी पूरी छवि बदल दी. उन्होंने न सिर्फ लुक्स पर काम किया, बल्कि स्थानीय बोली और संवाद अदायगी पर भी गहराई से मेहनत की, ताकि किरदार कृत्रिम न लगे बल्कि असली महसूस हो.
टर्निंग पॉइंट साबित हुई फिल्म
हाल ही में द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया से बातचीत में सैफ ने बताया कि ‘ओमकारा' उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई. उन्होंने कहा, “ओमकारा एक बिल्कुल अलग अनुभव था. विशाल भारद्वाज ने ऐसे कलाकारों को एक साथ लाया जो अलग-अलग दुनिया से आते थे. वहां एक क्रिएटिव एक्सचेंज था, जिससे बहुत कुछ सीखने को मिला. एक नई भाषा बोलना और इतने अलग किरदार में ढलना मेरे लिए बेहद आज़ाद करने वाला अनुभव था.”
मां ने दी चेतावनी
सैफ ने आगे बताया कि उस समय उनकी मां ने भी उन्हें इस रोल को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन उन्होंने निर्देशक विशाल भारद्वाज पर भरोसा किया. उनके मुताबिक, यह फैसला उनके लिए एक बड़ा रिस्क था, लेकिन सही दिशा में उठाया गया कदम साबित हुआ. निर्देशक विशाल भारद्वाज ने भी कई बार सैफ की इस परफॉर्मेंस की तारीफ की है. उन्होंने कहा था कि सैफ ने इस किरदार के लिए खुद को पूरी तरह बदल दिया और बिना किसी झिझक के उसे अपनाया.
लंगड़ा त्यागी यादगार किरदार
फिल्म की रिलीज के बाद सैफ अली खान को इस भूमिका के लिए जबरदस्त सराहना मिली. उन्हें फिल्मफेयर, स्क्रीन, स्टारडस्ट और जी सिने अवॉर्ड्स जैसे कई सम्मान भी मिले. ‘ओमकारा' न सिर्फ उनकी फिल्मोग्राफी का अहम हिस्सा बनी, बल्कि इसने बॉलीवुड में यह सोच भी बदल दी कि एक बड़ा स्टार किस तरह के किरदार चुन सकता है. आज भी लंगड़ा त्यागी को हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार और प्रभावशाली किरदारों में गिना जाता है, जिसने यह साबित किया कि असली स्टारडम वही है जो जोखिम लेने की हिम्मत रखता है.
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