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6 स्टंट आर्टिस्ट के साथ बनाए वॉर सीन, 12 स्ट्रीट लाइट्स के साथ शूटिंग, 40 करोड़ में बनी इस फिल्म ने कमाए 340 करोड़

कम बजट में बनी ‘उरी द सर्जिकल स्ट्राइक’ आज भी बॉलीवुड के लिए एक मिसाल है. विकी कौशल स्टारर इस वॉर फिल्म को बनाते वक्त डायरेक्टर आदित्य धर और उनकी टीम को हर दिन नए जुगाड़ लगाने पड़े.

6 स्टंट आर्टिस्ट के साथ बनाए वॉर सीन, 12 स्ट्रीट लाइट्स के साथ शूटिंग, 40 करोड़ में बनी इस फिल्म ने कमाए 340 करोड़
आदित्य धर की फिल्म द उरी ने 300 करोड़ की पार की थी कमाई
नई दिल्ली:

आदित्य धर की फिल्म ‘उरी द सर्जिकल स्ट्राइक' सिर्फ अपनी देशभक्ति और दमदार डायलॉग्स के लिए ही नहीं, बल्कि अपने शानदार मेकिंग स्टाइल के लिए भी याद की जाती है. विकी कौशल स्टारर इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कामयाबी हासिल की और आदित्य धर को इंडस्ट्री के टॉप डायरेक्टर्स की लिस्ट में ला खड़ा किया. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इतनी बड़ी वॉर फिल्म को बेहद सीमित बजट में बनाना कितना मुश्किल था. हाल ही में आदित्य धर ने एक बातचीत में बताया कि कैसे ‘उरी' की शूटिंग के दौरान हर दिन टीम को अपने ही सेट पर सर्जिकल स्ट्राइक करनी पड़ती थी. यानी नए-नए जुगाड़ निकालकर पैसे बचाने पड़ते थे. तब जाकर 40 करोड़ में बनी ये फिल्म 340 करोड़ रु की कमाई कर पाई.

कम बजट में बड़ी जंग, स्टंट्स में भी किया जुगाड़

आदित्य धर के मुताबिक ‘उरी' का बजट इतना था कि उसमें आमतौर पर नए डायरेक्टर्स की रोमांटिक फिल्में बनती हैं. लेकिन उन्होंने उसी पैसे में वॉर फिल्म बनाने का फैसला किया. फिल्म में पांच बड़े एक्शन सीक्वेंस थे,चंदेल, म्यांमार, उरी अटैक बी1 और बी2. समस्या ये थी कि इतने बड़े सीन्स के लिए उनके पास सिर्फ नौ स्टंट आर्टिस्ट्स थे.

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ऐसे में टीम ने कमाल की क्रिएटिविटी दिखाई. उन्हीं नौ लोगों को अलग-अलग दाढ़ी, चेहरे पर निशान और मेकअप देकर हर सीक्वेंस में नए कैरेक्टर की तरह पेश किया गया. अगर आप फिल्म ध्यान से देखें, तो कई एक्शन सीन्स में वही चेहरे बार-बार दिखेंगे. बस लुक बदला हुआ होगा. इसी स्मार्ट प्लानिंग की वजह से फिल्म के एक्शन सीन्स बड़े और रियल लग पाए.

12 स्ट्रीटलाइट्स से रोशन हुई पूरी फिल्म

आदित्य धर ने बताया कि बजट की सबसे बड़ी मार लाइटिंग पर पड़ी. बड़े-बड़े लाइट्स किराए पर लेने का पैसा नहीं था, इसलिए प्रोडक्शन डिजाइनर आदित्य कंवर ने एक अनोखा आइडिया दिया. जिसके तहत पूरी फिल्म के लिए सिर्फ 12 स्ट्रीटलाइट्स बनवाई गईं.

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इन लाइट्स को कभी चकोटी गांव में लगाया गया., तो कभी बी1 और बी2 के सेट पर शिफ्ट कर दिया गया. यही वजह है कि फिल्म में जगह-जगह स्ट्रीटलाइट्स नजर आती हैं. रात के सीन्स इन्हीं लाइट्स से शूट किए गए. आदित्य धर के मुताबिक, पूरी टीम लगातार पैसे बचाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन एक अच्छी फिल्म बनाने की जिद में कई बार वो कोशिशें नाकाम भी रहीं. बावजूद इसके, ‘उरी' आज भी इस बात की मिसाल है कि कम बजट में भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं.

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