बॉलीवुड में बहुत कम सितारे ऐसे होते हैं, जो अपने करियर की शुरुआत में ही सफल फिल्मों की लंबी कतार लगा दें. वरुण धवन ने यह कर दिखाया था. एक समय ऐसा था जब उनकी लगभग हर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पैसा कमा रही थी. जाहिर है कि दर्शकों के बीच उनका जबरदस्त क्रेज था. उनके फैन्स तो ये तक कहने लगे थे कि वो गोविंदा का रिप्लेसमेंट हैं. उनकी फिल्में थिएटर्स में खासी भीड़ भी खींच रही थी. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. वही वरुण धवन आज ऐसे दौर में हैं जहां हर नई फिल्म के साथ उनकी पकड़ कमजोर पड़ती दिख रही है.
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9 हिट के बाद 9 फ्लॉप
लगातार हिट्स का दौर
वरुण धवन के करियर की शुरुआती फिल्में वह दौर दिखाती हैं, जब उनका बॉक्स ऑफिस ट्रैक रिकॉर्ड बेहद मजबूत था. इनमें 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर', 'मैं तेरा हीरो', 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया', 'बदलापुर', 'एबीसीडी 2', 'दिलवाले', 'ढिशूम', 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' और 'जुड़वा 2' शामिल हैं. इन सभी फिल्मों में से एक भी फिल्म को फ्लॉप नहीं कहा जा सकता. यही वजह रही कि उन्हें अपनी पीढ़ी के सबसे भरोसेमंद और लगातार सफल सितारों में गिना जाने लगा.
#VarunDhawan — from a HIT machine to ZERO box office pull.
— Bollywood Box Office (@Bolly_BoxOffice) April 14, 2026
There was a time when @Varun_dvn delivered 9 consecutive successful films, a rare streak that established him as one of the most bankable stars of his generation. Consistent openings, strong footfalls, and mass appeal…… pic.twitter.com/Hb37DeMP01
गिरता बॉक्स ऑफिस, 9 फ्लॉप फिल्में
लेकिन इसके बाद तस्वीर तेजी से बदली. 'अक्टूबर', 'सुई धागा', 'कलंक', 'स्ट्रीट डांसर 3डी', 'कुली नंबर 1', 'जुगजुग जियो', 'भेड़िया', 'बेबी जॉन' और 'सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी'. इन फिल्मों में से शायद ही किसी को बॉक्स ऑफिस के लिहाज से हिट कहा जा सकता है. कुछ फिल्मों को औसत या सीमित सफलता मिली, जबकि कुछ साफ तौर पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाईं. यही लगातार गिरता प्रदर्शन अब वरुण धवन के करियर पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है.
नई फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है' पर भी शंका
अब उनकी आने वाली फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है' चर्चा में है. लेकिन टीजर आने के बाद जिस तरह का रिस्पांस सामने आया है, उसने उम्मीदों से ज्यादा चिंता बढ़ाई है. कई लोगों का मानना है कि फिल्म में नया कुछ नजर नहीं आ रहा और यह भी पुराने फॉर्मूले पर बनी लगती है. ऐसे में यह फिल्म वरुण धवन के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गई है. हालांकि हाल ही आई ‘बॉर्डर 2' जैसी फिल्म ने भले ही बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इसमें वरुण धवन लीड रोल में नहीं थे. फिल्म की सफलता का बड़ा श्रेय सनी देओल और उसके देशभक्ति वाले कंटेंट को दिया गया.
क्या अब जरूरी है बड़ा बदलाव?
फिल्म इंडस्ट्री में उतार-चढ़ाव आम बात है, लेकिन हर स्टार के लिए सबसे अहम होता है सही समय पर खुद को बदलना. वरुण धवन के लिए अब वक्त आ गया है कि वह अपनी फिल्मों के चयन और काम करने के तरीके में बदलाव लाएं. आज के समय में दर्शकों की पसंद काफी बदल चुकी है. एक जैसी कॉमेडी, अनुमान लगाई जा सकने वाली कहानी और सेम स्टाइल अब दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पा रही है.
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