90 की स्टार सिंगर एक्ट्रेस सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं रहीं. वह MTV VJ के तौर पर चैनल के सबसे पॉपुलर शो 'एक दो तीन' से मशहूर हुईं. उन्होंने 'दुनिया', 'प्यार का राग', 'सच का साथ' और 'Y2K - साल दो हज़ार' जैसे हिट एल्बम से पॉप आइकन के तौर पर नाम कमाया. उनका एल्बम 'Y2K - साल दो हजार' चार्ट्स में टॉप पर रहा, लेकिन जैसे ही दुनिया ने नए मिलेनियम में कदम रखा. किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया. म्यूजिक वीडियो की शूटिंग के दौरान वह मलेरिया से जूझ रही थीं. इसके तुरंत बाद उनकी सेहत बिगड़ गई और एल्बम रिलीज होने के एक हफ्ते के अंदर उन्हें 'बेल्स पाल्सी' का पता चला.

बीमारी के बाद वह चुपचाप ग्लैमर और लाइमलाइट की दुनिया से दूर हो गईं, लेकिन मुश्किल हालात ने उनके हौसले को कम नहीं किया. उन्होंने फिजियोथेरेपी और योग की तरफ रुख किया—फिजिकल हीलिंग के साथ-साथ उन्होंने स्पिरिचुअल अवेयरनेस पर भी काम किया. अब वह एक लाइफ कोच और 10 साल की बेटी की मां हैं. रागेश्वरी ने एक 'माइंडफुलनेस' स्पीकर के तौर पर अपनी पहचान फिर से बनाई है, जो लोगों को सफलता और मन की शांति, एम्बिशन और ज़िंदगी के बीच बैलेंस बनाने के लिए गाइड और मोटिवेट करती हैं.

25 साल की उम्र में रागेश्वरी के चेहरे का बाया हिस्सा हुआ था पैरालाइज
रागेश्वरी को 25 साल की उम्र में बेल्स पाल्सी का पता चला था. इस कंडीशन ने उनके चेहरे के बाएं हिस्से को पैरालाइज़ कर दिया था और उनकी स्पीच लड़खड़ाने लगी थी. बीमारी की वजह से वह चार साल तक बिस्तर पर रहीं. इस दौरान, उन्होंने फिजियोथेरेपी और योग की तरफ रुख किया.
इंस्टाग्राम कैप्शन में अपने अनुभव के बारे में लिखते हुए, रागेश्वरी ने शेयर किया, "मैंने 2000 में अपने फेशियल पैरालिसिस के दौरान योग शुरू किया था. मैं अपने टेढ़े-मेढ़े चेहरे और कम हौसले के साथ सैकड़ों स्टूडेंट्स से भरी क्लास में जाती थी." अपने योग गुरुओं के बारे में बात करते हुए, उन्होंने लिखा, "उन्होंने मुझे सिखाया कि योग अंदर देखना है, अपने अंदर के इंसान को जगाना है. मुझे अपनी कमियों और सीमाओं को मानने के साथ-साथ अपनी ताकत की तारीफ करने के लिए विनम्र होना होगा."

योग ने उनकी ज़िंदगी और करियर बदला
"योग मेरे लिए कभी वर्कआउट नहीं था, बल्कि एक वर्क-इन था. मैंने सिर्फ हेल्थ कारणों से योग किया, और हां इसने मेरी हेल्थ, फिटनेस और फ्लेक्सिबिलिटी को बदल दिया, लेकिन इसने मेरी ज़िंदगी की बाकी सब चीज़ों को भी बदल दिया. इसने मुझे खुद के लिए और दूसरों के लिए विनम्रता, स्वीकार, दया, सादगी और धैर्य का उज्ज्वल रास्ता दिखाया." रागेश्वरी ने खुद को एक माइंडफुलनेस और मैनिफेस्टेशन कोच के रूप में अपनी मोटिवेशनल स्पीच और बातों से लोगों के जीवन पर असर डाला. इस बीच, वह पेंगुइन इंडिया के साथ एक राइटर के तौर पर भी उभरीं.

लंदन चली गईं, 39 की उम्र में शादी की
2012 में वह लंदन चली गईं, जहां उनकी मुलाकात सुधांशु स्वरूप केसी से हुई. वह लंदन में ह्यूमन राइट्स लॉयर हैं. दोनों ने 2014 में शादी की. अपने रिश्ते के बारे में बात करते हुए रागेश्वरी ने एक बार शेयर किया, "कभी भी बर्थडे मैसेज या एनिवर्सरी विश पोस्ट करने की ज़रूरत महसूस नहीं हुई क्योंकि हम दोनों बच्चों की तरह एक-दूसरे को हाथ से लिखे नोट्स लिखते हैं. वह सोशल मीडिया पर नहीं हैं, इसलिए यहां मैसेज पोस्ट करना अजीब लगेगा." "जब हम मिले तो मैं 39 साल की थी और सुधांशु 41 साल के थे.
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