शोभा डे ने फिल्म धुरंधर 2 देखी है और अपनी राय शेयर की है. यह फिल्म रणवीर सिंह की स्पाई एक्शन थ्रिलर है, जो 19 मार्च को दुनिया भर में रिलीज हुई. लेखिका और कमेंटेटर शोभना डे ने कहा कि धुरंधर 2 पहली फिल्म धुरंधर जितनी रोमांचक नहीं लगी. हालांकि चार घंटे लंबी होने के बावजूद उन्हें फिल्म ने बोर नहीं किया और वे सोई नहीं. मगर शोभा डे धुरंधर 2 को देख उत्साहित नहीं हुईं जैसी पहली फिल्म देखकर हुई थीं. उनका मनाना है कि पहली फिल्म में ज्यादा लेयर्स थे, मनोवैज्ञानिक गहराई और सस्पेंस था कि लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं. लेकिन धुरंधर 2 में पहले से पता चल जाता था कि आगे क्या होगा. अच्छे सिनेमा में टेंशन बनी रहनी चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं रहा. कुछ लोग इसे मास्टरपीस कह रहे हैं, लेकिन शोभा डे के लिए यह मास्टरपीस नहीं है.
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धुरंधर की अच्छी और बुरी बातें
फिल्म में अच्छी और बुरी दोनों बातें हैं. अच्छी बात ये कि बोरिंग नहीं हुई. स्क्रिप्ट इस बार ज्यादा खास नहीं लगी. डायलॉग्स सीधे-सीधे समझा रहे थे, जैसे बच्चों को पढ़ाया जा रहा हो. बहुत सारे घिसी-पिटी बाते हैं. एक्शन सिर्फ एक्शन के लिए था, रोहित शेट्टी स्टाइल में कारें बार-बार फूटती रहीं. म्यूजिक भी पहले जैसा कमाल नहीं, कोई 'रंबा हो हो हो' या 'शरारत' जैसा गाना नहीं. रसपुतिन का यूज अच्छा लगा, लेकिन कुल मिलाकर ग्लैमर की कमी थी. इंटरवल से पहले और अंत में कुछ अच्छे ट्विस्ट थे, लेकिन पठानकोट वाला आखिरी सीन एंटी-क्लाइमैक्स लगा.
फिल्म में कौन एक्टर खास
परफॉर्मेंस की बात करें तो अर्जुन रामपाल (मेजर इकबाल) और संजय दत्त (एसपी चौधरी असलम) सबसे बेहतरीन लगे. अर्जुन रामपाल ने सबको पीछे छोड़ दिया, यहां तक कि रणवीर सिंह को भी. संजय दत्त का रोल परफेक्ट था – डरावना, अनप्रेडिक्टेबल और पूरी तरह कंट्रोल में. रणवीर सिंह लीड रोल में थे, लेकिन उनके बाल लड़ाई के दौरान भी सैलून स्टाइल में बने रहे. अक्षय खन्ना बहुत मिस हुए. उनकी रहमान डकैत वाली कैरेक्टर के बिना स्टाइल और मजा कम था.
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