फिल्म “बंटवारा 1947” के ट्रेलर लॉन्च के दौरान अनुभवी अभिनेत्री शबाना आज़मी ने अपने 50 साल लंबे फिल्मी करियर के सबसे मुश्किल और भावुक सीन का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि इस फिल्म की एक घटना को शूट करना उनके लिए इतना कठिन था कि एक कलाकार नहीं, बल्कि एक इंसान के तौर पर भी वह खुद को बेहद असहाय और अपमानित महसूस कर रही थीं.
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क्या बोलीं एक्ट्रेस
शबाना आजमी ने ट्रेलर में दिख रहे एक सीन का जिक्र करते हुए कहा, “इस फिल्म में एक ऐसा सीन है, जिसमें एक इंसान के तौर पर मुझे बहुत अपमानित महसूस हुआ. ऐसा लगा जैसे मेरी पूरी गरिमा मुझसे छीन ली गई हो. ट्रेलर में उसकी बस एक छोटी-सी झलक है, जहां विलेन मेरा दुपट्टा खींचता है और मेरा कुर्ता फाड़ देता है. उस पल मैं शायद अपने पूरे करियर में पहली बार खुद को इतना असुरक्षित और बेबस महसूस कर रही थी.”
'मुझे लगा जैसे मेरा बेटा'
उन्होंने बताया कि उसी वक्त सनी देओल का किरदार वहां आता है और वह पल उनके लिए सिर्फ एक फिल्मी सीन नहीं रह गया था. शबाना ने कहा, “यकीन मानिए, जब सनी ने आकर मेरे ऊपर दुपट्टा डाला, उस वक्त वह सिर्फ मेरे को-एक्टर नहीं थे. मुझे लगा जैसे मेरा बेटा और मेरा रक्षक मेरे सामने खड़ा है. मैंने उन्हें पूरे दिल से गले लगा लिया और मेरे मन में बस यही आया कि शुक्र है, वह मुझे बचाने आ गए.” उन्होंने सनी देओल की तारीफ करते हुए कहा कि एक सह-कलाकार के तौर पर उन्होंने उन्हें उस सीन को पूरी सच्चाई के साथ महसूस करने में मदद की.
फिल्म के बारे में
शबाना ने कहा, “अगर 50 साल का अनुभव रखने वाली एक अभिनेत्री भी अपने सह-कलाकार की वजह से उस पल को इतनी सच्चाई से महसूस कर सकती है, तो वह एहसास पर्दे पर भी जरूर दिखाई देगा. इसलिए मैं सनी का दिल से शुक्रिया अदा करना चाहती हूं.” भारत-पाकिस्तान बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी “बंटवारा 1947” में सनी देओल, शबाना आज़मी और करण देओल अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे. यह फिल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.
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