श्रीदेवी भारतीय सिनेमा की सबसे मशहूर स्टार्स थीं. अब वह इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन वह अपनी कालजयी फिल्मों के जरिए आज भी फैंस के दिलों जिंदा में हैं. उनके जन्मदिन पर हम उनकी 10 फिल्मों के बारे में बता रहे हैं, जो उनके शानदार करियर के अलग-अलग पहलुओं को दिखाती हैं.
सदमा
बालू महेंद्र की डायरेक्ट की हुई फिल्म 'सदमा' श्रीदेवी की कल्ट क्लासिक मानी जाती है. फिल्म में उनके परफॉर्मेंस के लिए आज भी उन्हें पसंद किया जाता है. इसमें उन्होंने नेहा लता का रोल किया है, जो एक हादसे के बाद बच्चों जैसी मानसिक स्थिति में आ जाती है और कमल हासन का किरदार 'सोमू' उसकी देखभाल करता है. यह फिल्म महेंद्र की तमिल क्लासिक 'मूंद्रम पिराई' का हिंदी रीमेक थीय हालांकि रिलीज के समय यह कमर्शियल तौर पर सफल नहीं हुई, लेकिन बाद में इसे 'कल्ट' फिल्म का दर्जा मिला, खासकर इसके दिल को छू लेने वाले क्लाइमेक्स और श्रीदेवी की बेहद भावुक परफॉर्मेंस की वजह से.
'मिस्टर इंडिया'
हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा एंटरटेनिंग फिल्मों में से एक 'मिस्टर इंडिया' में श्रीदेवी ने पत्रकार सीमा साहनी का रोल किया था. उनके साथ अनिल कपूर ने अरुण वर्मा का रोल किया था, जिसे गायब होने वाली एक डिवाइस मिल जाती है. अपनी कॉमिक टाइमिंग से लेकर मशहूर गानों "हवा हवाई" और "काटे नहीं कटते" तक, श्रीदेवी ने स्क्रीन पर अपनी जबरदस्त छाप छोड़ी. अमरीश पुरी का 'मोगैंबो' किरदार भी भारतीय सिनेमा के सबसे पहचाने जाने वाले विलेन में से एक बन गया. 'मिस्टर इंडिया' हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा एंटरटेनिंग फिल्मों में से एक है. इसमें श्रीदेवी ने पत्रकार सीमा साहनी का रोल किया था और अनिल कपूर ने अरुण वर्मा का, जिन्हें एक इनविजिबिलिटी डिवाइस (गायब होने वाली मशीन) मिलती है.
'नगीना'
'नगीना' में श्रीदेवी ने फैंटेसी और लोककथाओं की दुनिया में कदम रखा और 'रजनी' का रोल किया, जो रूप बदलने वाली नागिन थी. ऋषि कपूर और अमरीश पुरी के खतरनाक 'भैरव नाथ' रोल के साथ, यह फिल्म कमर्शियली बहुत सफल रही. "मैं तेरी दुश्मन" गाने में श्रीदेवी का डांस परफॉर्मेंस उनके करियर के सबसे यादगार सीनों में से एक है. 'नगीना' में श्रीदेवी ने फैंटेसी और लोककथाओं की दुनिया में कदम रखा और 'रजनी' का रोल किया, जो रूप बदलने वाली नागिन थी.
'चांदनी'
यश चोपड़ा की 'चांदनी' ने श्रीदेवी को उस दौर की सबसे बेहतरीन रोमांटिक हीरोइन बना दिया. उन्होंने 'चांदनी' का लीड रोल निभाया, जिसकी रोहित (ऋषि कपूर) के साथ लव स्टोरी किस्मत और हालात की वजह से मुश्किलों में घिर जाती है. फिल्म का म्यूजिक, लोकेशन, कॉस्ट्यूम और खासकर श्रीदेवी की शिफॉन साड़ियां बॉलीवुड की विज़ुअल पहचान का अहम हिस्सा बन गईं.
'चालबाज'
'चालबाज' में श्रीदेवी ने बिछड़ी हुई जुड़वां बहनों अंजू और मंजू का रोल किया, जिनके स्वभाव एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थे. 'सीता और गीता' से प्रेरित इस फिल्म ने श्रीदेवी को अपनी कॉमिक टाइमिंग और एक ही फिल्म में दो अलग-अलग किरदारों को निभाने की काबिलियत दिखाने का मौका दिया. उनकी परफ़ॉर्मेंस को आज भी बॉलीवुड के सबसे यादगार डबल-रोल किरदारों में से एक माना जाता है.
'लम्हे'
श्रीदेवी की हिंदी फिल्मों की लिस्ट में 'लम्हे' सबसे अलग है, जिसमें उन्होंने मां और बेटी का डबल रोल निभाया है. कहानी एक ऐसे आदमी की है जिसके मन में एक औरत के लिए भावनाएं होती हैं, लेकिन सालों बाद जब वह उस औरत की बेटी से मिलता है, तो मामला उलझ जाता है. हालांकि यह फिल्म शुरू में बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट नहीं रही, लेकिन इसे क्रिटिक्स से बहुत तारीफ मिली और अब इसे यश चोपड़ा की बेहतरीन फिल्मों में से एक माना जाता है.
'खुदा गवाह'
'खुदा गवाह', एक जबरदस्त एक्शन-रोमांस फिल्म, जिसमें भारतीय सिनेमा के दो सबसे बड़े स्टार अमिताभ बच्चन और श्रीदेवी साथ नजर आए. उन्होंने अमिताभ बच्चन के रोल 'बादशाह खान' के अपोजिट बेनजीर और उसकी बेटी मेहंदी का डबल रोल निभाया. फिल्म के कुछ हिस्सों की शूटिंग अफगानिस्तान में हुई और इसे बहुत बड़े पैमाने पर बनाया गया. यह फिल्म अपनी एक्टिंग, कॉस्ट्यूम, म्यूजिक और शानदार कहानी के लिए खास तौर पर याद की जाती है.
'हिम्मतवाला'
'हिम्मतवाला' वह फिल्म थी जिसने श्रीदेवी को हिंदी फिल्मों का बड़ा स्टार बना दिया. इसमें वह जितेंद्र के साथ एक्शन-कॉमेडी में नजर आईं. तेलुगु फिल्म 'ऊरिकि मोनागाडु' की रीमेक यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रही और 1980 के दशक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्मों में से एक बनी. श्रीदेवी का ग्लैमरस अंदाज और गाना "नैनों में सपना" इस फिल्म की पहचान बन गए.
'इंग्लिश विंग्लिश'
एक्टिंग से 15 साल के ब्रेक के बाद श्रीदेवी ने गौरी शिंदे की फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' से जबरदस्त वापसी की. इसमें उन्होंने शशि गोडबोले का किरदार निभाया, जो एक हाउसवाइफ है. वह न्यूयॉर्क जाती है और इंग्लिश बोलने का कोर्स करती है, क्योंकि फ़्लुएंट इंग्लिश न बोल पाने की वजह से उसका परिवार उसे कमतर समझता है. भाषा के बारे में शुरू हुई यह कहानी आखिर में आत्म-सम्मान और आजादी की कहानी बन जाती है.
'मॉम'
श्रीदेवी की आखिरी बड़ी फिल्म 'मॉम' में उन्हें एक गंभीर किरदार में देखा गया. उन्होंने देवकी सबरवाल का रोल किया, जो एक मां है और कानूनी सिस्टम से न्याय न मिलने पर अपनी सौतेली बेटी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ती है. इस थ्रिलर फिल्म में श्रीदेवी को अपनी एक्टिंग का एक ज्यादा संयमित और उग्र रूप दिखाने का मौका मिला. इसमें अक्षय खन्ना और नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने भी अहम भूमिकाएं निभाईं.
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