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रेखा का जिगरी दोस्त, जिसने अमिताभ बच्चन के स्टारडम को दी थी चुनौती, श्रीदेवी- जया के साथ दी हिट फिल्में, नेटवर्थ में भी बिग बी से नहीं है कम

रेखा के इस दोस्त ने लगातार कई हिट फिल्में देकर एक समय सुपरस्टार अमिताभ बच्चन को भी चुनौती दे दी थी.

रेखा का जिगरी दोस्त, जिसने अमिताभ बच्चन के स्टारडम को दी थी चुनौती, श्रीदेवी- जया के साथ दी हिट फिल्में, नेटवर्थ में भी बिग बी से नहीं है कम
रेखा का खास दोस्त, जिसने कभी अमिताभ को भी दी थी कड़ी टक्कर
नई दिल्ली:

बॉलीवुड में जब भी दिग्गज अभिनेत्रियों की बात होती है, रेखा का नाम काफी ऊपर आता है. 70 के दशक में शुरू हुआ उनका करियर कई सुपरस्टार्स के साथ जुड़ा, लेकिन निजी रिश्तों की बात करें तो एक नाम ऐसा भी रहा, जिसके साथ उनके रोमांस की गॉसिप नहीं उड़ी, लेकिन दोस्ती का ये रिश्ता काफी खास रहा. रेखा के इस दोस्त ने लगातार कई हिट फिल्में देकर एक समय सुपरस्टार अमिताभ बच्चन को भी चुनौती दे दी थी. यह नाम है जितेन्द्र का, जिनकी दोस्ती रेखा के साथ इंडस्ट्री में मिसाल मानी जाती है. दिलचस्प बात यह है कि जिस दौर में अमिताभ बच्चन का स्टारडम चरम पर था, उसी दौर में जीतेंद्र ने अपनी अलग पहचान बनाकर बॉक्स ऑफिस पर लगातार मजबूत पकड़ बनाए रखी.

रेखा और जितेंद्र का रिश्ता सिर्फ को-स्टार तक सीमित नहीं था. दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी और रेखा उन्हें ‘रवि' कहकर बुलाती थीं, जो उनका असली नाम भी है. इंडस्ट्री में जहां रिश्ते अक्सर प्रोफेशनल रह जाते हैं, वहीं इन दोनों की बॉन्डिंग काफी पर्सनल मानी जाती रही.

रवि कपूर से जितेंद्र बनने तक का सफर

1942 में अमृतसर में जन्मे जितेंद्र का असली नाम रवि कपूर है. उनके पिता का आर्टिफिशियल ज्वेलरी का बिजनेस था, जिसके चलते फिल्म स्टूडियो से उनका जुड़ाव बना. इसी दौरान उनकी मुलाकात फिल्ममेकर वी शांताराम से हुई और यहीं से फिल्मों में एंट्री का रास्ता खुला. 1964 में आई ‘गीत गाया पत्थरों ने' से उन्होंने बतौर हीरो शुरुआत की, लेकिन असली पहचान 1967 की फिल्म ‘फर्ज' से मिली. इसके बाद उन्हें ‘जंपिंग जैक' का टैग मिला, जो उनके एनर्जेटिक डांस स्टाइल की वजह से दिया गया.

अमिताभ के दौर में भी कायम रहा स्टारडम

70 का दशक बॉलीवुड में बड़े बदलाव का दौर था. जहां एक तरफ राजेश खन्ना का स्टारडम ढलान पर आया, वहीं अमिताभ बच्चन जैसे सितारे का उदय हुआ. इस पूरी हलचल के बीच जीतेंद्र ने अपनी जगह मजबूती से बनाए रखी. 1975 में शोले के तूफान के बाद 1976 में जितेन्द्र स्टारर ‘नागिन' उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी. इसके बाद ‘धरम-वीर' और ‘जानी दुश्मन' जैसी फिल्मों ने भी उन्हें टॉप स्टार्स की लिस्ट में बनाए रखा.

साउथ रीमेक्स से फिर चमकी किस्मत

एक समय ऐसा भी आया जब प्रोडक्शन में नुकसान के चलते जितेंद्र आर्थिक संकट में फंस गए. लेकिन उन्होंने जल्दी ही खुद को संभाला और साउथ फिल्मों के हिंदी रीमेक की ओर रुख किया. श्रीदेवी और जयाप्रदा के साथ ‘हिम्मतवाला' और ‘तोहफा' जैसी फिल्मों ने उन्हें दोबारा टॉप पर पहुंचा दिया. यह वही दौर था जब दर्शकों को उनका फैमिली एंटरटेनमेंट वाला स्टाइल खूब पसंद आया. माना जाता है कि श्रीदेवी के साथ काम करने का फैसला भी जितेंद्र ने रेखा के कहने पर ही लिया था. रेखा और श्रीदेवी के बीच भी अच्छी दोस्ती थी और शुरुआती दौर में रेखा ने उनकी हिंदी फिल्मों की डबिंग तक की थी.

200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया
 करीब 40 साल के करियर में जीतेंद्र ने 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. ‘जीने की राह', ‘कारवां', ‘बिदाई', ‘खिलौना', ‘स्वर्ग से सुंदर' और ‘थानेदार' जैसी फिल्मों से उन्होंने अलग-अलग दौर में अपनी पकड़ बनाए रखी. बाद में उन्होंने फिल्म और टीवी प्रोडक्शन में कदम रखा और ‘बालाजी टेलीफिल्म्स' की स्थापना की. उनकी बेटी एकता कपूर आज टीवी इंडस्ट्री की सबसे बड़ी प्रोड्यूसर्स में गिनी जाती हैं.

जीतेंद्र उन चुनिंदा सितारों में रहे, जिन्होंने बदलते ट्रेंड्स के बीच खुद को बार-बार री इंवेंट किया. अमिताभ के एंग्री यंग मैन दौर में भी उनका फैमिली एंटरटेनर इमेज कायम रहा. यही वजह है कि वह न सिर्फ अपने समय के बड़े स्टार रहे, बल्कि आज भी बॉलीवुड के इतिहास में एक मजबूत अध्याय के तौर पर याद किए जाते हैं.

जितेंद्र- अमिताभ बच्चन नेटवर्थ
जितेंद्र और उनके परिवार की कुल नेटवर्थ काफी है. उनकी नेटवर्थ लगभग 1512 करोड़ है. वहीं अमिताभ बच्चन की नेटवर्थ लगभग 1600 करोड़ है. अमिताभ बच्चन अभी भी काम करते हैं और फिल्मों के साथ ही ऐड से मोटी कमाई करते हैं. वहीं जितेंद्र बिजनेस और इनवेस्टमेंट के जरिए अच्छी खासी कमाई करते हैं. 

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