अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) हिंदी सिनेमा की दुनिया में वो नाम हैं जिन्होंने कई शानदार फिल्में दी हैं. हिंदी सिनेमा को एंग्री यंग मैन दिया है. हिंदी एक्शन फिल्मों को ऐसा स्वैग दिया है जो हर किसी के बूते की बात नहीं. लेकिन आप जानते हैं कि अमिताभ बच्चन की एक ऐसी भी फिल्म है जो 100 हफ्ते यानी 700 दिन से ज्यादा तक सिनेमाघरों में चलती रही. इस फिल्म की दीवानगी ऐसी कि आज भी बेस्ट फिल्मों में इसकी गिनती होती है. मजेदार यह कि अमिताभ बच्चन ने इस फिल्म की शूटिंग शोले के साथ की थी. जानते हैं इस फिल्म का नाम, अगर नहीं तो लीजिए हम बतातें हैं...
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दो भाइयों की अमर कहानी
दीवार (Deewar) यश चोपड़ा की मास्टरपीस थी, जिसमें अमिताभ बच्चन ने गैंगस्टर विजय का किरदार निभाया और शशि कपूर ने उनके छोटे भाई रवि का, जो एक ईमानदार पुलिस अधिकारी था. फिल्म की सबसे मशहूर डायलॉग “मेरे पास मां है” आज भी लोगों की जुबान पर है. दीवार 24 जनवरी 1975 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. दिलचस्प बात यह है कि एक रोचक बात यह है कि असल जिंदगी में शशि कपूर अमिताभ से 4 साल बड़े थे, फिर भी फिल्म में वे छोटे भाई बने. यह कास्टिंग का जादू था, जहां उम्र से ज्यादा केमिस्ट्री मायने रखती थी.

‘दीवार' की कहानी हाजी मस्तान जैसे रियल लाइफ स्मगलर से इंस्पायर्ड थी. सलीम-जावेद की स्क्रिप्ट थई. फिल्म 100 हफ्तों से ज्यादा चली. यह उन चुनिंदा फिल्मों में से एक थी जो 1970-80 के दशक में हर टेरिटरी में 1 करोड़ से ज्यादा की कमाई करने वाली थी. शशि कपूर को इस फिल्म के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर मिला.
सुबह शोले, रात दीवार
अमिताभ बच्चन उस समय ‘शोले' और ‘दीवार' दोनों शूट कर रहे थे. सुबह ‘शोले' की शूटिंग और रात को ‘दीवार' की. यश चोपड़ा और रमेश सिप्पी दोनों डायरेक्टर्स ने इस शेड्यूल को मैनेज किया. दिलचस्प बात यह है कि शोले और दीवार दोनों ही फिल्में हिंदी सिनेमा के इतिहास की बेस्ट फिल्में रहीं और बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों का खूब प्यार भी मिला.
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