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कभी गाते-गाते फूल जाती थी गले की नसें, मां को रहता था डर नहीं गा पाएगा, बेटा बना म्यूजिक इंडस्ट्री का स्टार

इस म्यूजिकल स्टार ने साल 1994 में म्यूजिक ग्रुप बॉम्बे वाइकिंग्स की शुरुआत की. यह ग्रुप इंडियन पॉप और रॉक म्यूजिक के लिए जाना गया. उस दौर में पुराने हिंदी गानों को नए अंदाज में पेश करने का ट्रेंड बढ़ रहा था और बॉम्बे वाइकिंग्स ने इस काम को एक अलग पहचान दी.

कभी गाते-गाते फूल जाती थी गले की नसें, मां को रहता था डर नहीं गा पाएगा, बेटा बना म्यूजिक इंडस्ट्री का स्टार
नीरज श्रीधर 23 जून को अपना बर्थडे सेलिब्रेट करते हैं
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नई दिल्ली:

मशहूर गायक नीरज श्रीधर ने 90 के दशक में पॉप म्यूजिक से लेकर बॉलीवुड के पार्टी सॉन्ग्स के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाई. आज भी जब उनके गाए गाने सुनाई देते हैं तो लोग अपने आप साथ साथ वही गाना गुनगुनाने लगते हैं. उनकी जिस आवाज ने लाखों लोगों को अपना दीवाना बनाया, कभी वही आवाज बचपन में उनके लिए एक समस्या बनी हुई थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आगे चलकर कई हिट गानों में अपनी आवाज दी.

बनना था सिंगर लेकिन फूल जाती थी गले की नसें

नीरज श्रीधर का जन्म 23 जून 1976 को मुंबई में हुआ था. बचपन से ही उनका झुकाव संगीत की तरफ था. वह हमेशा से सिंगर बनना चाहते थे लेकिन शुरुआत आसान नहीं थी. नीरज ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वह बचपन में गाने की कोशिश करते थे तो उनके गले की नसें फूल जाती थीं और वह ठीक से गा नहीं पाते थे. उनकी मां भी यह देखकर परेशान होती थीं और कहती थीं कि बच्चे को गाने का बहुत शौक है लेकिन शायद वह गा नहीं पाएगा. हालांकि नीरज ने अपनी इस परेशानी को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. उन्होंने धीरे-धीरे अपनी आवाज पर मेहनत की और नतीजा यह निकला कि आगे चलकर उनकी आवाज भारत के सबसे पसंदीदा पॉप और बॉलीवुड सिंगर्स में शामिल हो गई.

पुराने हिंदी गानों में भर दी नई जान

साल 1994 में नीरज श्रीधर ने म्यूजिक ग्रुप बॉम्बे वाइकिंग्स की शुरुआत की. यह ग्रुप इंडियन पॉप और रॉक म्यूजिक के लिए जाना गया. उस दौर में पुराने हिंदी गानों को नए अंदाज में पेश करने का ट्रेंड बढ़ रहा था और बॉम्बे वाइकिंग्स ने इस काम को एक अलग पहचान दी. नीरज की आवाज में 'क्या सूरत है', 'वो चली वो चली' और 'छोड़ दो आंचल' जैसे गाने काफी पॉपुलर हुए. इन गानों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई और वह इंडियन पॉप म्यूजिक का बड़ा नाम बन गए.

फिल्मी गाने भी बने पहचान

इसके बाद नीरज ने बॉलीवुड में कदम रखा. साल 2006 में अमिताभ बच्चन और सलमान खान की फिल्म 'गॉड तुस्सी ग्रेट हो' में 'तुमको देखा' गाना गाया. इसके बाद उन्होंने 'हनीमून ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड' और 'भागमभाग' जैसी फिल्मों में गाने गाए. हालांकि असली पहचान फिल्म 'भूलभुलैया' के टाइटल ट्रैक से मिली. साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म 'भूलभुलैया' का टाइटल सॉन्ग जबरदस्त हिट हुआ. अक्षय कुमार पर फिल्माए गए इस गाने ने नीरज श्रीधर को बॉलीवुड में एक अलग मुकाम दिलाया. खुद नीरज ने कई इंटरव्यू में माना कि इस गाने ने उनके करियर को नई दिशा दी और उन्हें इंडस्ट्री में बड़ी पहचान मिली.

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इसके बाद नीरज ने कई सुपरहिट गाने दिए. उन्होंने 'रेस', 'लव आज कल', 'बिल्लू', 'कॉकटेल', 'रेडी', 'हाउसफुल 2' समेत कई फिल्मों के लिए अपनी आवाज दी. 'लव मेरा हिट हिट', 'ट्विस्ट', 'तुम ही हो बंधु', 'जख मार के' और 'कैरेक्टर ढीला' जैसे गाने आज भी लोगों के पसंदीदा हैं. नीरज श्रीधर को उनके काम के लिए कई अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेशन भी मिले. उन्हें फिल्मफेयर, आईफा और स्टारडस्ट जैसे बड़े अवॉर्ड्स में नामांकन मिला. वह आज भी संगीत की दुनिया में सक्रिय हैं.

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