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28 फरवरी को रिलीज हुई इस फिल्म में एक्टर से बिना पूछे बदल थी आवाज, अमरीश पुरी ने की रिजेक्ट तो हुई थी शत्रुघ्न सिन्हा की एंट्री

1981 में रिलीज हुई ‘नरम गरम’ ने अपनी शानदार कॉमेडी और दमदार किरदारों के दम पर दर्शकों का दिल जीत लिया था और अमोल पालेकर को बेस्ट कॉमिक रोल के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड भी दिलाया था.

28 फरवरी को रिलीज हुई इस फिल्म में एक्टर से बिना पूछे बदल थी आवाज, अमरीश पुरी ने की रिजेक्ट तो हुई थी शत्रुघ्न सिन्हा की एंट्री
28 फरवरी को रिलीज हुई नरम गरम के लिए पहली पसंद नहीं थे शत्रुघ्न सिन्हा
नई दिल्ली:

28 फरवरी 1981 को रिलीज हुई फिल्म ‘नरम गरम' अपने दौर की सबसे अलग और दिलचस्प कॉमेडी फिल्मों में से एक मानी जाती है. उस समय जब एक्शन और रोमांस फिल्मों का ज्यादा बोलबाला था, तब ये फिल्म अपनी हल्की-फुल्की कहानी और मजेदार किरदारों के साथ दर्शकों के बीच आई और छा गई. अमोल पालेकर, उत्पल दत्त और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे दमदार कलाकारों की मौजूदगी ने फिल्म को और भी खास बना दिया. खास बात ये रही कि इस फिल्म में अमोल पालेकर के कॉमिक अंदाज को लोगों ने इतना पसंद किया कि उन्हें बेस्ट कॉमिक रोल के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी नवाजा गया. ऋषिकेश मुखर्जी के निर्देशन में बनी ये फिल्म आज भी क्लासिक कॉमेडी फिल्मों की लिस्ट में शामिल की जाती है. फिल्म की कहानी के साथ-साथ इसके किरदारों ने भी लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी.

शत्रुघ्न सिन्हा नहीं थे पहली पसंद

फिल्म में शत्रुघ्न सिन्हा का रोल काफी चर्चित रहा था, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस किरदार के लिए वो मेकर्स की पहली पसंद नहीं थे. दरअसल, निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी ने सबसे पहले इस रोल के लिए अमरीश पुरी से संपर्क किया था. हालांकि, उन्होंने इस फिल्म में काम करने से मना कर दिया था. इसके बाद यही रोल शत्रुघ्न सिन्हा के पास पहुंचा और उन्होंने इसे साइन कर लिया. दिलचस्प बात ये है कि शत्रुघ्न सिन्हा ने इस फिल्म के लिए कोई फीस नहीं ली थी क्योंकि ऋषिकेश मुखर्जी ने ये फिल्म अपनी यूनिट के मेंबर्स के फायदे के लिए बनाई थी.

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खराब मूड में दिया यादगार सीन

शूटिंग के दौरान एक दिन शत्रुघ्न सिन्हा बेहद खराब मूड में सेट पर पहुंचे थे क्योंकि घर पर उनकी पत्नी के साथ कुछ कहासुनी हो गई थी. उसी दिन उन्हें एक कॉमेडी सीन शूट करना था, लेकिन वो मानसिक रूप से परेशान थे. तभी उन्हें एक्टिंग कोच रोशन तनेजा की कही बात याद आई कि अपने मूड को अपना गुलाम बनाओ. इसके बाद उन्होंने उत्पल दत्त के साथ सपना वाले सीन में अपना बेस्ट परफॉर्मेंस दिया.

बदल दी गई थी एक्ट्रेस की आवाज

फिल्म से जुड़ा एक और किस्सा ये भी है कि मेकर्स को स्वरूप संपत की आवाज पसंद नहीं आई थी. ऐसे में उनकी आवाज को बिना बताए डब करवा दिया गया था. इस बात से एक्ट्रेस काफी नाराज हो गई थीं. हालांकि, फिल्म के कुछ सीन में उनकी असली आवाज को रखा गया था.

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अमोल पालेकर और उत्पल दत्त की जोड़ी पहले भी मचा चुकी है धमाल

नरम गरम' से पहले भी अमोल पालेकर और उत्पल दत्त की जोड़ी दर्शकों के बीच तहलका मचा चुकी थी. साल 1979 में रिलीज हुई फिल्म ‘गोलमाल' में दोनों पहली बार साथ नजर आए थे और इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ लोगों के दिलों पर भी राज किया था. ऋषिकेश मुखर्जी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अमोल पालेकर ने रामप्रसाद और लक्ष्मणप्रसाद का डबल रोल निभाया था, जबकि उत्पल दत्त ने भवानी शंकर का किरदार निभाकर कॉमेडी में नई जान डाल दी थी. दोनों की कॉमिक टाइमिंग इतनी शानदार थी कि फिल्म आज भी हिंदी सिनेमा की बेस्ट कॉमेडी फिल्मों में गिनी जाती है.

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