साल 2006 में मुंबई में हुए एक हादसे ने पूरे देश का दिल दहला दिया था. 11 जुलाई 2006 को मुंबई में ट्रेन धमाकों की आग ने ऐसा विक्राल रूप लिया कि 187 लोगों की मौत हो गई. जिंदा जले इन लोगों के साथ हुई इस दुर्घटना को पर्दे पर भी दिखाया गया. साल 2008 में निशिकांत कामत के डायरेक्शन में बनी 'मुंबई मेरी जान' इस दर्दनाक हादसे को पर्दे पर लेकर आई. फिल्म की कहानी योगेश विनायक जोशी, उपेंद्र सिधाये ने लिखी थी.
फिल्म क्यों है खास?
फिल्म सच्ची घटना पर थी. इसमें केके मेनन, आर माधवन, परेश रावल, इरफान खान जैसे शानदार कलाकार थे लेकिन फिर भी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा सफल नहीं रही. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पैसा भले ना कमा पाई लेकिन इसने प्यार बहुत पाया. क्रिटिक्स ने भी इसे खूब सराहा. आपको जानकर हैरानी होगी कि कमर्शियल सक्सेस ना बन पाई इस फिल्म ने बेस्ट स्पेशल इफेक्ट के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता था.

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क्या है मुंबई मेरी जान की कहानी
‘मुंबई मेरी जान' कोई एक्शन या क्राइम थ्रिलर नहीं है. यह एक ट्रेजडी ड्रामा है जो 11 जुलाई 2006 के बाद मुंबईवासियों के मन में उठने वाले भावों, डर, संदेह और संघर्ष को दिखाती है. फिल्म अलग-अलग आम लोगों की जिंदगी के जरिए बताती है कि इस भयानक घटना ने उनके जीवन को कैसे प्रभावित किया. इस फिल्म का बजट करीब 3.5 करोड़ रुपये था और इसने भारत में लगभग 4.89 करोड़ रुपये की कमाई की. बॉक्स ऑफिस पर यह फ्लॉप रही, लेकिन बेस्ट स्पेशल इफेक्ट्स के लिए नेशनल अवॉर्ड जीतने में सफल रही.
रिलीज और दूसरी डिटेल्स
फिल्म 2008 में रिलीज हुई थी. यह ट्रेन ब्लास्ट के करीब दो साल बाद आई. इरफान खान का किरदार वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है, जब ब्लास्ट के बाद पुलिस को कई फर्जी बम कॉल आए थे. इस फिल्म को IMDb पर रेटिंग 7.7 मिली है. अगर आप इसे ओटीटी पर देखना चाहते हैं तो तुरंत Jio Hotstar पर देख सकते हैं.
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