भारतीय सिनेमा के महान गायक मुकेश की जयंती 22 जुलाई बुधवार को थी. इस मौके पर गायक के बेटे और दिग्गज पार्श्व गायक नितिन मुकेश ने उन्हें याद करते हुए सोशल मीडिया पर खास पोस्ट शेयर की. नितिन मुकेश ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ पुरानी ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें शेयर कीं, जिसमें गायक मुकेश की तस्वीरें शामिल हैं. इस पोस्ट में मुकेश के बेटे नितिन मुकेश ने पापा के उस गाने को याद किया, जो राज कपूर के लिए मुकेश ने आखिरी बार गाया था. वहीं आज भी यह गाना फैंस के बीच खूब पॉपुलर है. हम बात कर रहे हैं फिल्म धरम करण के गाने एक दिन बिक जाएगा की.
मुकेश के गाने को बेटे ने किया याद
गायक नितिन मुकेश ने अपने पिता को याद करते हुए लिखा, "आज मेरे प्यारे पिताजी की 103वीं जयंती है. पिता जी, जिस तरह आपका न होना आपके अपनों को हमेशा दुख देता रहेगा, उसी तरह इस धरती पर आपके होने का एहसास भी हमेशा हमारे साथ रहेगा. आपकी प्यारी बातें और यादें हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगी, "जग में रह जाएंगे प्यारे तेरे बोल. आपका गीत और आपकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी. जीना इसी का नाम है!!! जब तक हम फिर से किसी बेहतर जगह, एक बेहतर दुनिया में नहीं मिलते, तब तक हमें अपना आशीर्वाद देते रहिए. आपसे बहुत प्यार है पापा."
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राज कपूर पर फिल्माया गया मुकेश का आखिरी गाना
मुकेश चंद माथुर हिंदी सिनेमा के सबसे महान और भावपूर्ण पार्श्व गायकों में से एक थे. दिल्ली के रहने वाले मुकेश को हिंदी सिनेमा में 'राज कपूर की आवाज' और 'दर्द भरे नगमों के बेताज बादशाह' के रूप में याद किया जाता है. 1975 में रिलीज हुई धरम करम, जिसे रणधीर कपूर ने डायरेक्ट किया था. वहीं प्रोड्यूसर राज कपूर और म्यूजिक डायरेक्टर रणधीर कपूर थे, जिसमें रणधीर कपूर लीड रोल में थे. IMdb के अनुसार, राज कपूर ने आखिरी बार मुकेश की आवाज में 'एक दिन बिक जाएगा...' गाना गाया और यह राज कपूर पर फिल्माया गया मुकेश का भी आखिरी गाना बन गया.
मुकेश के बारे में
मजे की बात यह है कि जहां आजकल कई रिश्तेदार बच्चों का मजाक बनाने से बाज नहीं आते, वहीं गायक की प्रतिभा को उनके खास रिश्तेदार और अभिनेता मोतीलाल ने एक शादी में न सिर्फ पहचाना था बल्कि उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाने में साथ भी दिया था. अभिनेता मोतीलाल गायक को अपने साथ बंबई शहर लेकर आए थे. गायक मुकेश चंद माथुर ने 1941 में फिल्म 'निर्दोष' से एक अभिनेता और गायक के रूप में अपना करियर शुरू किया था. प्लेबैक सिंगर के रूप में उनकी पहली बड़ी सफलता 1945 में आई फिल्म 'पहली नजर' का गीत 'दिल जलता है तो जलने दे' था.
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