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मीना कुमारी का आखिरी गाना जो 54 साल पहले हुआ था रिलीज, बहा था दर्द का सैलाब, सिनेमाघरों में टूट पड़ी भीड़, लता मंगेशकर ने बनाया अमर

हिंदी सिनेमा में 60-70 के दशक में कई ऐसी अभिनेत्रियां रहीं, जिनके बारे में फैंस आज भी देखना सुनना पसंद करते हैं. उनकी बेहतरीन दुखद भूमिकाओं के लिए उन्हें "ट्रैजेडी क्वीन" कहा जाता है.

मीना कुमारी का आखिरी गाना जो 54 साल पहले हुआ था रिलीज, बहा था दर्द का सैलाब, सिनेमाघरों में टूट पड़ी भीड़, लता मंगेशकर ने बनाया अमर
मीना कुमारी का आखिरी गाना जो 54 साल पहले हुआ था रिलीज
नई दिल्ली:

Lata Mangeshkar Classic Song: हिंदी सिनेमा में 60-70 के दशक में कई ऐसी अभिनेत्रियां रहीं, जिनके बारे में फैंस आज भी देखना सुनना पसंद करते हैं. उनकी बेहतरीन दुखद भूमिकाओं के लिए उन्हें "ट्रैजेडी क्वीन" कहा जाता है. उनका असली नाम महजबीं बानो था और उनका जन्म मुंबई में हुआ था. उन्होंने बचपन से बतौर बाल कलाकार फिल्मों में काम किया. उन्हें विजय भट्ट की फिल्म 'लेदरफेस' (1939) में बेबी मीना नाम मिला था. इस नाम से वह मशहूर हो गई. बाद में फिल्म 'बैजू बावरा' (1952) से उन्होंने बतौर एक्ट्रेस डेब्यू किया. उनकी आखिरी फिल्म थी पाकिजा. आज हम पाकिजा फिल्म के गाने के बारे में बताने जा रहे हैं, जो मीना कुमारी की आखिरी फिल्म थी. 

इस फिल्म के सारे गाने हिट हुए. ये गाने सालों तक लोगों के जहन में बस गए. आज भी इस फिल्म के गाने सुने जाते हैं.  यह फिल्म आज से लगभग 54 साल पहले रिलीज हुई थी. जो मशहूर अदाकारा मीना कुमार की आखिरी याद बन गई. फिल्म की शूट के दौरान एक्ट्रेस का हेल्थ खराब था और रिलीज तक एक्ट्रेस की डेथ हो गई.  सिनेमा की सुपरस्टार मीना कुमारी ‘स्वर कोकिला' कही जाने वाली लता मंगेशकर की सुरीली आवाज एक साथ पर्दे पर आए तो इस गाने को कल्ट बनना लाजिमी था.  

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मीना कुमारी की आखिरी फिल्म

साल 1972 में रिलीज हुई फिल्म पाकिजा को बनने में लगभग 15 साल लग गए. फिल्म को कमाल अमरोही ने लिखा. साथ ही डायरेक्ट और प्रोड्यूस भी किया. कमाल ने एक्ट्रेस मीना कुमारी से शादी की थी. कमाल अमरोही ने साल 1956 में मीना कुमारी के साथ ‘पाकीजा' बनाने का तय किया. 
  
बेस्ट क्रिएशन फिल्म ‘पाकीजा'
हिंदी सिनेमा की अब तक की बेस्ट क्रिएशन कही जाने वाली फिल्म ‘पाकीजा' को बनाने में 15 साल लगे. फिल्म की कास्टिंग और लोकेशन को फाइनल करने में ही 8 साल का समय लग गया. वहीं साल 1971 में फिल्म की शूटिंग होने और खत्न होने तक मीना कुमारी के जीवन में भूचाल आ चुका था. कमार के साथ उनके रिश्ते खराब हो चुके थे. उन्हें शराब की लत लग गई थी और उन्हें लिवर की बीमारी हो गई थी. कहा जाता है कि कुछ शॉट्स को उनके चेहरे पर दुप्पटे से ढक कर शूट किया गया था. 

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नहीं देख पाई फिल्म की सफलता

मीना कुमारी की इस फिल्म की बजट लगभग 1.25 करोड़ा था. फिल्म ने उस दौर में 6 करोड़ का बिजनेस किया.  'पाकीजा' ने रिलीज होते ही धमाल मचा दिया था, लेकिन रिलीज के दौरान ही मीना कुमारी की तबीयत खराब होने लगी और महज 3 हफ्तों बाद ही वो कोमा में चली गईं. कोमा में जाने के कुछ दिन बाद ही मीना ने 34 की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. एक्ट्रेस के निधन के बाद लोगों ने इस फिल्म को देखने के लिए थिएटर के बाहर भीड़ लगा ली और फिल्म सुपरहिट साबित हो गई.
  
कल्ट बना गाना 
मीना कुमारी के चाहने वालों ने फिल्म को एक नहीं कई बार देखा. गानों ने तो रिकॉर्ड ही तोड़ दिया.  हम जिस गाने की बात कर रहे हैं वह है पाकीजा फिल्म का आइकॉनिक सॉन्ग ‘चलते चलते यूं ही' कोई. इसमें मीना कुमारी आरेंज चमकरदार लहंगे और हैवी ज्वैलरी में शानदार डांस किया. 


  
27 मिलियन व्यू मिले
‘चलते चलते यूं ही कोई' को लता मंगेशकर ने आवाज दी. यह लता के कल्ट गानों में से एक हैं.  54 साल पहले रिलीज हुए इस गाने ने अब तक यूट्यूब पर 27 मिलियन व्यूज हैं. यह गाना आज भी खूब सुना जाता है.  
 

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