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मनोज बाजपेयी ने बड़ी फिल्मों के मोनोपॉली पर उठाया सवाल, डरा धमका कर लेते हैं ज्यादा शो, बोले-'सबको समान अवसर' मिले

मनोज बाजपेयी ने कहा, “हर एक बड़े बजट की फिल्म  डिस्ट्रीब्यूटर्स को और एग्जीबिटर्स को डरा-धमकाकर सबसे ज्यादा शो ले लेते हैं.” “उसमें एक लेवल प्लेइंग फील्ड जरूरी है.”

मनोज बाजपेयी ने बड़ी फिल्मों के मोनोपॉली पर उठाया सवाल, डरा धमका कर लेते हैं ज्यादा शो, बोले-'सबको समान अवसर' मिले
मनोज बाजपेयी ने बड़ी फिल्मों के मोनोपॉली पर उठाया सवाल
नई दिल्ली:

मनोज बाजपेयी ने हाल ही में भारत में हर साइज और स्केल की फिल्मों के लिए ‘लेवल प्लेइंग फील्ड' की जरूरत पर जोर दिया है. उन्होंने कहा है कि बड़े बजट की फिल्मों का दबदबा और मोनोपॉली छोटी, इंडिपेंडेंट फिल्मों के लिए देश भर में स्क्रीन ढूंढना बहुत मुश्किल बना देती है. हाल ही में HT के साथ बातचीत में फिल्ममेकर रीमा कागती ने जोर देकर कहा कि छोटी फिल्मों को दर्शकों से ‘सपोर्ट' की नहीं, बल्कि पैट्रनेज की जरूरत होती है. जब हमने मनोज से यही बात कही तो इस एक्टर ने जवाब दिया, “छोटी फिल्मों के साथ पैट्रनेज एग्जिबिशन से शुरू होती है. जिस दिन सरकार यह पॉलिसी बना लेगी कि हर फिल्म को शोकेसिंग मिलेगी, तब उनके पास किसी तरह का फेयर प्लेटफॉर्म होगा. जब तक हमें वह नहीं मिल जाता, यह मुश्किल है.”

मनोज कहते हैं कि वह रीमा की इस बात से सहमत हैं कि भारत में इंडिपेंडेंट सिनेमा को मदद की जरूरत है, लेकिन वह चाहते हैं कि यह मदद एडमिनिस्ट्रेशन से मिले. यह पैसे के लिए नहीं, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चरल हो. “हमें सरकार से मदद मिलनी चाहिए. पैसे के लिए नहीं, बल्कि इस भरोसे के लिए कि आपकी फिल्म दिखाई जाएगी और सबको बराबर मौका मिलेगा.” 

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 मनोज ने महाराष्ट्र राज्य का उदाहरण देते हुए कहा, जो यह सुनिश्चित करता है कि मराठी फिल्मों को पूरे राज्य में पर्याप्त स्क्रीन मिलें. भले ही मुंबई कल्चरल मेलजोल वाली जगह और यह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की भी जगह है.  “मराठी सिनेमा को सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि महाराष्ट्र सरकार ने यह पहल की ताकि मराठी फिल्मों को लेवल प्लेइंग मिले.”

भारत में फिल्मों के डिस्ट्रीब्यूशन और एग्जीबिशन नेटवर्क पर स्टूडियो और स्टार्स की मोनोपॉली को लेकर काफी बहस हुई है. मनोज भी इस बात से सहमत हैं, “हर एक बड़े बजट की फिल्म  डिस्ट्रीब्यूटर्स को और एग्जीबिटर्स को डरा-धमकाकर सबसे ज्यादा शो ले लेते हैं.” “उसमें एक लेवल प्लेइंग फील्ड जरूरी है.”

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मनोज बाजपेयी की गवर्नर के बारे में
मनोज की लेटेस्ट फिल्म गवर्नर एक छोटे बजट की इंडिपेंडेंट फिल्म है, जिसे पिछले वीकेंड भारत में लिमिटेड रिलीज किया गया.चिन्मय डी. मंडलेकर के डायरेक्शन में बनी गवर्नर में मनोज बाजपेयी ने एस. वेंकटरमणन का रोल किया है, जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर थे. फिल्म 1990 के आर्थिक संकट से भारत को बचाने में वेंकटरमण की भूमिका को दिखाया गया है. 
 

लेखक के बारे में
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प्रियंका तिवारी
Consulting News Writer
2014 में पत्रकारिता की शुरुआत. चौथी दुनिया, सन्मार्ग, अमर उजाला, जनसत्ता जैसे संस्थानों में रिपोर्टिंग की बारीकियों को सीखा. फिल्म, टेक, हेल्थ, आर्ट ए... और पढ़ें
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