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ममता कुलकर्णी ने जताई महिलाओं के लिए चिंता, बोलीं- यह समस्या सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं है

ममता कुलकर्णी ने चिंता जताते हुए कहा कि परिवार के चक्कर में खुद का ख्याल रखना महिलाएं भूल जाती हैं और अपनी सेहत पर ध्यान नहीं देती हैं.  

ममता कुलकर्णी ने जताई महिलाओं के लिए चिंता, बोलीं- यह समस्या सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं है
ममता कुलकर्णी ने महिलाओं के लिए चिंता जाहिर की
नई दिल्ली:

भारतीय परिवारों में महिलाएं अक्सर अपने परिवार की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि खुद की देखभाल पीछे छूट जाती है. इसी मुद्दे को लेकर अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने खुलकर अपनी बात रखी है. उन्होंने एक वीडियो के जरिए बताया कि भारतीय समाज में हेल्थ को लेकर सोच में बदलाव की जरूरत है. ममता कुलकर्णी ने कहा, ''मैंने अक्सर देखा है कि भारतीय महिलाएं अपनी पूरी जिंदगी पति और बच्चों की देखभाल में लगा देती हैं. वे घर और परिवार को प्राथमिकता देती हैं लेकिन अपनी सेहत पर ध्यान नहीं देतीं. मेरा मानना है कि यह सोच गलत है, क्योंकि अगर महिला खुद स्वस्थ नहीं होगी, तो वह अपने परिवार का सही तरीके से ख्याल भी नहीं रख पाएगी.''

ममता कुलकर्णी ने कहा- यह समस्या सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं है

उन्होंने कहा, ''यह समस्या सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं है. कई पुरुष और बच्चे भी सेहत को लेकर गंभीर नहीं होते. लोग जिम या हेल्थ क्लब तक तो पहुंच जाते हैं, लेकिन वहां जाकर मेहनत करने के बजाय समय बिताते हैं. इस आदत को बदलने की जरूरत है, ताकि लोग सच में फिट रह सकें.'' विदेशों का उदाहरण देते हुए ममता कुलकर्णी ने कहा, ''वहां छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी अपनी फिटनेस को लेकर सजग रहते हैं. लोग नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं, आउटडोर एक्टिविटीज में हिस्सा लेते हैं और अपने शरीर को सक्रिय रखते हैं. यही कारण है कि वे लंबे समय तक फिट और एक्टिव रहते हैं.''

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महिलाओं के लिए दी सेहत की सलाह

उन्होंने विटामिन डी की अहमियत पर भी जोर दिया. ममता ने कहा, ''धूप में समय बिताना शरीर के लिए बेहद जरूरी है. अक्सर लोग विदेशियों के पहनावे का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन यह नहीं समझते कि वे धूप से जरूरी पोषण ले रहे होते हैं, जो उनके शरीर के विकास और फिटनेस के लिए जरूरी है. मैं हफ्ते में एक या दो बार समुद्र के किनारे जरूर जाती हूं. वहां नंगे पैर रेत पर चलती हूं, यह शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है. रेत में मौजूद नमक शरीर की अशुद्धियों को बाहर निकालने में मदद करता है."

उन्होंने कहा, ''जब मैं समुद्र किनारे नहीं जा पाती, तो मैं हेल्थ क्लब में समय बिताती हूं. वहां स्विमिंग करती हूं, धूप लेती हूं और अपने शरीर को एक्टिव रखती हूं. कई बार दो से तीन घंटे तक धूप में समय बिताती हूं.'' 

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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