बॉलीवुड अभिनेत्री लैला खान की जिंदगी जितनी तेजी से सुर्खियों में आई, उससे कहीं ज्यादा सनसनीखेज तरीके से उनका अंत हुआ. साल 2011 में लैला खान अपनी मां सेलिना और परिवार के चार अन्य सदस्यों के साथ अचानक लापता हो गई थीं. महीनों तक किसी को उनकी कोई खबर नहीं मिली. शुरुआत में इसे सिर्फ एक मिसिंग केस माना गया, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सामने आई कहानी ने पुलिस अधिकारियों तक को हैरान कर दिया. फार्महाउस की जमीन के नीचे दफन छह कंकाल, परिवार के ही एक सदस्य पर हत्या का आरोप और सबूत मिटाने की सुनियोजित साजिश…यह मामला आज भी भारत के सबसे खौफनाक फैमिली मर्डर केसों में शामिल है. हाल ही में पूर्व मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी अंबादास पोते ने इस केस से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.
परिवार के अंदर बढ़ रही थी दुश्मनी
पूर्व मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी अंबादास पोते के मुताबिक, लैला खान की मां सेलिना की तीसरी शादी परवेज से हुई थी. परिवार मुंबई के ओशिवारा में रहता था. बताया जाता है कि परवेज को लैला का फिल्मों में काम करना बिल्कुल पसंद नहीं था. वह चाहता था कि लैला दुबई जाकर काम करे, लेकिन अभिनेत्री ने इसका विरोध किया. इसके अलावा पारिवारिक संपत्ति और आपसी रिश्तों को लेकर भी तनाव लगातार बढ़ रहा था. पोते के अनुसार, जब भी परवेज अपनी शिकायतें सेलिना के सामने रखता, वह उन्हें गंभीरता से नहीं लेती थीं. धीरे-धीरे यही नाराजगी एक खौफनाक साजिश में बदल गई.
फार्महाउस पर हुईं छह हत्याएं
जांच के दौरान सामने आया कि परवेज ने पहले ही इगतपुरी स्थित फार्महाउस पर अपने एक साथी को चौकीदार के रूप में तैनात कर दिया था. इसके बाद उसने परिवार को कुछ दिन वहां बिताने के लिए राजी किया. पुलिस के अनुसार, रात में परिवार ने बारबेक्यू किया, डांस किया और फिर सभी सोने चले गए. इसी दौरान परवेज और उसके साथी ने लोहे की रॉड और चाकू से एक-एक कर सभी छह लोगों की हत्या कर दी. लैला के भाई इमरान ने घायल होने के बावजूद परिवार को बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावर तब तक वार करते रहे, जब तक किसी के जिंदा बचने की संभावना खत्म नहीं हो गई. सबूत मिटाने के लिए परिवार की एक कार जम्मू ले जाकर छोड़ दी गई, जबकि शवों को स्विमिंग पूल के लिए खोदे गए गड्ढे में दबा दिया गया.
बारिश ने खोला राज, कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा
परिवार के वापस नहीं लौटने पर सेलिना के पहले पति नदीर शाह ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. जांच के दौरान पुलिस को मुंबई स्थित घर से परवेज का आधार कार्ड मिला, जिसके बाद शक उसी पर गया. मुंबई और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में उसे गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस इगतपुरी फार्महाउस पहुंची. बारिश की वजह से जमीन धंसने पर खुदाई कराई गई और करीब छह घंटे बाद वहां से छह कंकाल बरामद हुए.

मेडिकल जांच में उनकी पहचान लैला खान और उनके परिवार के सदस्यों के रूप में हुई. साल 2024 में मुंबई की सेशंस कोर्ट ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मानते हुए परवेज को फांसी की सजा सुनाई. हालांकि, इस हत्याकांड में उसका कथित साथी आज तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है.
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