30 अप्रैल 2026 की शाम जश्न, स्टाइल और बेहतरीन सिनेमा से भरपूर रही, जब 11वें दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड्स का आयोजन मुंबई के नेहरू सेंटर में किया गया. इस खास शाम की सबसे बड़ी झलकियों में से एक रही शॉर्ट फिल्म “Echoes Of Us” को मिला सम्मान, जिसे दुनिया भर के दर्शकों ने खूब सराहा है. फिल्म की मुख्य अभिनेत्री यूलिया वंतूर और निर्देशक जो राजन को इस शाम के प्रमुख पुरस्कारों में से एक से नवाजा गया.
इस पल को और भी खास बनाया उनकी गरिमा और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान ने. यूलिया वंतूर सुनहरे रंग की साड़ी में बेहद खूबसूरत नजर आईं और उन्होंने पूरे आत्मविश्वास और शालीनता के साथ खुद को प्रस्तुत किया. उन्होंने भारतीय परंपरा और अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान का शानदार संगम पेश किया.
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस अवॉर्ड समारोह का मुख्य उद्देश्य प्रतिभाओं का सम्मान करना था, खासकर उन महिलाओं का जिन्होंने मीडिया और मनोरंजन जगत में मजबूत योगदान दिया है. “Echoes Of Us” में अपनी भूमिका के लिए यूलिया वंतूर को मिला सम्मान यह दर्शाता है कि सशक्त कहानी कहने की कला किस तरह दुनिया भर के लोगों को जोड़ सकती है. एक ही मंच पर इस तरह की प्रतिभा और वैश्विक पहचान को देखना प्रेरणादायक रहा.
“Echoes Of Us” को मिला यह पुरस्कार पूरी तरह से योग्य था, और इस फिल्म ने पहले ही दुनिया भर में कई दिलों को छू लिया है. दीपक तिजोरी भी इस फिल्म का हिस्सा हैं, और यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में शानदार प्रदर्शन कर रही है तथा कई पुरस्कार जीत चुकी है. दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड्स में मिली यह मान्यता इसकी सफलता और महत्व को और बढ़ाती है. जैसे-जैसे यह शाम अपने अंत की ओर बढ़ी, यह स्पष्ट हो गया कि सच्चा सिनेमा भावनाओं, संस्कृति और ईमानदार कहानी कहने के बारे में होता है—और “Echoes Of Us” इस भावना का सच्चा प्रतिनिधित्व करती है.
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