5 दिसंबर को बड़े पर्दे पर रणवीर सिंह की धुरंधर रिलीज हुई, जिसके आगे 53 दिनों तक कोई भी फिल्म टिक नहीं पाई. लेकिन 23 जनवरी को रिलीज हुई सनी देओल की बॉर्डर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर अपना झंडा गाड़ दिया और नए नए रिकॉर्ड बनाती हुई नजर आ रही है. हालांकि अगर कमाई के मामले में देखा जाए तो धुरंधर के बाद और बॉर्डर 2 से पहले एक फिल्म ऐसी हो सकती थी, जो कमाई के रिकॉर्ड तोड़ देती क्योंकि फिल्म ने एडवांस बुकिंग में ही 15 करोड़ की कमाई हासिल कर ली थी. फिल्म में एक बड़े सुपरस्टार थे, जिनकी यह करियर की आखिरी फिल्म होती. लेकिन रिलीज से एक दिन पहले ही यह विवादों में फंस गई और पोस्टपोन हो गई. ये फिल्म किसी और की नहीं बल्कि साउथ के मेगास्टार तलपति विजय की मच अवेटेड और आखिरी ऑनस्क्रीन फिल्म ‘जन नायकन' है, जिसे उनके पॉलिटिकल सफर से पहले का फाइनल चैप्टर माना जा रहा है.
एडवांस बुकिंग में दिखा दमदार कलेक्शन
रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘जन नायकन' ने एडवांस बुकिंग में ही करीब 15 करोड़ रुपये की कमाई कर ली थी. इंटरनेशनल मार्केट में फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला. जहां ओपनिंग डे प्री सेल्स से ही 11 से 12 करोड़ रुपये तक का बिजनेस हो चुका था तो वहीं भारत में फिलहाल केरल और कर्नाटक के कुछ चुनिंदा थिएटर्स में ही टिकट बिक्री शुरू हो गई थी. जहां से करीब 3 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की गई. ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना था कि जैसे ही तमिलनाडु और दूसरे बड़े मार्केट्स में एडवांस बुकिंग खुलेगी, आंकड़े तेजी से ऊपर जाएंगे. हालांकि ऐसा नहीं हो पाया.
जन नायकन के बारे में
एच विनोथ के निर्देशन में बनी ‘जना नायगन' एक पॉलिटिकल एक्शन ड्रामा है, जिसमें पावर, आइडियोलॉजी और टकराव की झलक देखने को मिलेगी. फिल्म की टाइमिंग भी इसे खास बनाती है, क्योंकि इसे विजय के पॉलिटिकल सफर की शुरुआत से जोड़ा जा रहा है. स्टारकास्ट की बात करें तो विजय के साथ ममिता बैजू, पूजा हेगड़े और बॉबी देओल अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे. संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने दिया है, जिससे फिल्म को लेकर उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं. फैंस के लिए ये फिल्म सिर्फ एक रिलीज नहीं, बल्कि अपने फेवरेट सुपरस्टार को बड़े पर्दे पर अलविदा कहने का खास मौका है.ॉ
क्या है विजय की जन नायकन का विवाद
'जन नायकन' फिल्म पोंगल त्योहार से पहले 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन रिलीज से कुछ दिन पहले सेंसर बोर्ड ने प्रोडक्शन हाउस केवीएन प्रोडक्शंस को सूचित किया कि बोर्ड की एक शिकायत के आधार पर फिल्म को रिव्यूइंग कमेटी के पास भेजा गया है. इसके बाद मेकर्स ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया, जिसने शुरुआती जीत में सेंसर बोर्ड को फिल्म में बदलाव करने के बाद यूए सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया. लेकिन सेंसर बोर्ड ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील की, जिसके बाद मद्रास हाईकोर्ट की दो जजों की बेंच ने सेंसर बोर्ड को सर्टिफिकेट देने के सिंगल बेंच के निर्देश पर रोक लगाई. केवीएन प्रोडक्शंस ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था. 15 जनवरी को शीर्ष अदालत ने याचिका खारिज करते हुए मद्रास हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं