एक्टर और कॉमेडियन आर्य बब्बर ने बब्बर फैमिली के रिश्तों पर बात की. उन्होंने पिता राज बब्बर के दिवंगत एक्ट्रेस स्मिता पाटिल के साथ रिश्ते और सौतेले भाई प्रतीक स्मिता पाटिल के साथ अनबन की खबरों पर रिएक्शन दिया. आर्य बब्बर से जब पूछा गया कि स्मिता पाटिल के पापा राज बब्बर की जिंदगी में आने के बाद उनपर क्या असर पड़ा तो उन्होंने कहा, वह बहुत यंग थे. लेकिन उन्हें पता था कि फैमिली पर असर पड़ा है. विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में आर्य ने कहा, हुआ था हां. मोहब्बत हुई थी. दोनों तरफ से था. दोनों की तरफ से मुझे लगता है मोहब्बत बहुत अच्छी थी. किस बच्चे को अच्छा लगेगा कि उसके पापा का अफेयर हो रहा था? अगर आपको पता चलता है कि आपके पापा का अफेयर बाहर चल रहा है, आपको अच्छा लगता? दर्द के बावजूद आर्य बब्बर ने कहा कि वह विश्वास रखते हैं तो उन्हें अच्छा लगेगा. हो गया, हो गया यार, सभी आगे बढ़ गया.
मां ने सिखाया सम्मान देना
आर्य बब्बर ने प्रतीक को प्यार और सम्मान देना सिखाने के लिए मां नादिरा बब्बर को शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा, हमारी मां ने सिखाया. हमारे पिता ने यह नहीं सिखाया. स्मिता पाटिल को स्मिता मां कहते हुए उन्हें कहा, प्रतीक मेरी मां को मां बोल रहा था. तो मुझे लगा कि अगर मेरा छोटा भाई मेरी मां को इतनी इज्जत दे रहा है. तो मेरा फर्ज है कि मैं उसकी मां को भी वही इज्जत दूं. मैं स्मिता मां को हमेशा वो इज्जत और वो प्यार दूंगा.
आर्या बब्बर ने प्रतीक के साथ रिश्ते पर कही ये बात
आर्या बब्बर ने प्रतीक के साथ अपने रिश्ते और भाई के खुद को बब्बर फैमिली से दूर करने पर कहा, कितने बड़े दुख की बात है ये. जिस स्मिता मां के लिए पापा ने हम सबको छोड़ा और चले गए. आज वही स्मिता मां का बच्चा जो है. पापा को पापा नहीं मान रहा है. आज भी अगर वो मुझे फोन करके बोले की भैया मैं प्रॉब्लम में हूं. 3 बजे रात को आपकी जरुरत है. मैं पहुंच जाउंगा. वहीं आर्या बब्बर ने कुबूल किया कि अब रिश्ता पहले जैसा नहीं हो पाएगा. उन्होंने कहा- वो खरोच लग गई है बहुत बुरी.
प्रतीक को किए मैसेज
आर्या बब्बर ने आगे बताया कि उन्होंने प्रतीक से मिलने की कोशिश की थी. उन्होंने कहा, मैंने उन्हें कई बार मैसेज किया. कई बार कॉल किया. मैंने वॉइस नोट्स भेजे. लेकिन कोइ रिस्पॉन्स नहीं था. मैंने हैप्पी बर्थडे बेटा. अगर कोई कारण है तो बात करो उस बात को सुलझा दो.
नाम बदलने पर आर्या बब्बर ने कही ये बात
पहले प्रतीक बब्बर था. फिर प्रतीक स्मिथ हुआ, फिर वापस बब्बर हुआ. अब प्रतीक स्मिता पाटिल है. जब हमने पूछा कि यह क्यों हो रहा है, उसने कहा, मुझे नहीं पता सर, शायद ज्योतिषि के कारण ऐसा होगा. वहीं आर्या बब्बर ने 1986 में स्मिता पाटिल के निधन के बाद कहा, उन्होंने कभी काम करना नहीं छोड़ा. वह वर्कोहॉलिक हैं.
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