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सांप्रदायिक भेदभाव वाले बयान पर बोले एआर रहमान- मैं किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता था

ए आर रहमान ने वीडियो जारी कर बताया कि संगीत उनके लिए क्या है और इसे उन्होंने किस तरह देखा और जिंदगी में इस्तेमाल किया है.

सांप्रदायिक भेदभाव वाले बयान पर बोले एआर रहमान- मैं किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता था
ए आर रहमान ने वीडियो शेयर कर बताई अपने दिल की बात
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नई दिल्ली:

भारतीय संगीतकार एआर रहमान अपनी अनोखी धुनों और रचनात्मकता के लिए जाने जाते रहे हैं, लेकिन हाल ही में जब उन्होंने बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव को लेकर अपनी राय पेश की तो उन्हें बड़े पैमाने पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. इन सबके बीच एआर रहमान ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर सफाई दी. इस वीडियो में एआर रहमान ने अपनी भावनाओं और अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से बताया. उन्होंने कहा, "मेरे लिए संगीत हमेशा से लोगों और संस्कृति से जुड़ने, उन्हें सेलिब्रेट करने और सम्मान देने का जरिया रहा है. भारत सिर्फ मेरा घर नहीं है, बल्कि मेरी प्रेरणा और गुरु भी है. मेरा उद्देश्य कभी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. मैं उम्मीद करता हूं कि लोग मेरी ईमानदारी और सच्चे इरादों को समझेंगे और महसूस करेंगे."

वीडियो में रहमान ने कहा, "मुझे खुद के भारतीय होने पर गर्व है. भारत ने मुझे वह मंच दिया है जहां मैं अपनी रचनात्मकता का पूर्ण स्वतंत्रता से प्रदर्शन कर सकता हूं. यह अवसर मुझे विभिन्न संस्कृतियों की आवाजों को सम्मान देने और संगीत के माध्यम से जोड़ने का मौका देता है. भारत ने मुझे हमेशा प्रेरित किया है और मेरे काम को और सार्थक बनाया है.

रहमान ने अपने करियर की कई यादगार परियोजनाओं का जिक्र भी किया. उन्होंने कहा, "मैंने जला प्रोजेक्ट में काम किया, नागा संगीतकारों के साथ मिलकर स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा बनाया, सनशाइन ऑर्केस्ट्रा को मेंटर किया और सीक्रेट माउंटेन नामक भारत के पहले मल्टीकल्चरल वर्चुअल बैंड की स्थापना की. साथ ही, मैंने रामायण के संगीत में हांस जिमर के साथ सहयोग किया. इन सब अनुभवों ने मेरे संगीत के मकसद को और मजबूत किया."

वीडियो के आखिर में संगीतकार एआर रहमान ने भारत के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की. उन्होंने कहा, "मेरा संगीत हमेशा अतीत का सम्मान करेगा, वर्तमान का जश्न मनाएगा और भविष्य को प्रेरित करेगा. संगीत कभी किसी को चोट पहुंचाने का माध्यम नहीं रहा है, बल्कि यह हमेशा लोगों को जोड़ने और सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान करने का जरिया रहा है."

एआर रहमान ने हाल ही में बीबीसी नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में कहा, "मुझे बॉलीवुड में अब कम काम मिलने लगे हैं. कभी-कभी रचनात्मक निर्णय लेने की ताकत उन लोगों के हाथ में होती है जिनमें असल में क्रिएटिविटी नहीं होती. यह कभी-कभी साम्प्रदायिक कारणों से भी हो सकता है, लेकिन यह सीधे तौर पर पता नहीं चलता. यह केवल अफवाहों के रूप में पता चलता है कि मुझे किसी प्रोजेक्ट में चुना गया था, लेकिन फिर कंपनी ने अपने पांच अन्य कंपोजर्स को हायर कर लिया."
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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