टीवी और फिल्मों में नजर आने वाले एक्टर सुधीर पांडे इंडस्ट्री में पांच दशक से ज्यादा समय बिता चुके हैं. अगर इनकी वर्क प्रोफाइल पर नजर डालें तो इसमें ससुराल गेंदा फूल, बालिका वधु, टॉयलेट एक प्रेम कथा, मिशन रानीगंज, अग्निपथ, वारिस और तीस मार खान जैसी फिल्में शामिल हैं. सुधीर अपने किरदारों के लिए मशहूर जरूर हैं और खूब पहचाने भी जाते हैं लेकिन एक सपोर्टिंग एक्टर के तौर पर उन्होंने संघर्ष भी देखा है. हाल में एक्टर ने सिद्धार्थ कन्नन से एक खास बातचीत में टेलीविजन इंडस्ट्री में हो रहे शोषण के बारे में खुलकर बात की और कहा कि उन्हें लगता है कि वह बॉलीवुड से "बेहतर इंडस्ट्री" के हकदार हैं.
टीवी इंडस्ट्री में कैरेक्टर एक्टर्स के शोषण पर क्या बोले सुधीर पांडे
सुधीर ने टेलीविजन इंडस्ट्री में कैरेक्टर एक्टर्स के शोषण के बारे में बात करते हुए कहा, "अगर आप कोई डेली सोप कर रहे हैं, तो उस दौरान आप कुछ और नहीं कर सकते. अगर आप किसी सीरियल के लिए कमिटेड हैं तो आप कोई फिल्म नहीं कर सकते. वे आपको फिक्स डेट नहीं देते और महीने में किसी भी दिन अचानक बुला सकते हैं. प्राइवेट चैनलों और प्रोड्यूसर्स की वजह से टेलीविजन का माहौल खराब हो रहा है."
सुधीर ने आगे कहा कि टेलीविजन इंडस्ट्री लीड एक्टर्स और सपोर्टिंग एक्टर्स के साथ बहुत अलग-अलग तरह से पेश आती है. उन्होंने आरोप लगाया कि पॉपुलर लीड एक्टर्स का इतना असर होता है कि चैनल उनकी मांगें सुनते हैं और वे उन्हें "ब्लैकमेल" भी कर सकते हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि सपोर्टिंग एक्टर्स, अच्छी परफॉर्मेंस देने के बावजूद, जब अपनी फीस बढ़ाने की बात करते हैं तो अक्सर उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है और उनकी जगह किसी और को ले लिया जाता है या शो से उनका किरदार ही हटा दिया जाता है.
14-18 घंटे शूटिंग होती है, सोने तक का समय नहीं मिलता
सुधीर ने आगे कहा, "हैरानी की बात यह है कि कॉन्ट्रैक्ट तो हर दिन के हिसाब से साइन किया जाता है, लेकिन पेमेंट 90 दिनों के बाद मिलता है. एक्टर्स का शोषण बंद होना चाहिए, हालात सुधरने चाहिए. कोई लड़ता नहीं है और न ही कोई इस बारे में बात करता है. हमारे पास लेबर लॉ हैं, लेकिन वे एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री पर लागू नहीं होते. कोई व्यक्ति 14-18 घंटे की शिफ्ट में काम करता है, उसे सोने का समय भी नहीं मिलता और फिर से काम पर लौटना पड़ता है. सपोर्टिंग एक्टर्स को ऐसे हालात में रखा जाता है."
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खुद को A-क्लास एक्टर बताते हुए सुधीर ने कहा कि उन्हें लगता है कि वह "बेहतर इंडस्ट्री" के हकदार हैं, जहां लोग ज्यादा समझदार और सच में सेंसिटिव हों. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भले ही वह आउटसाइडर हैं और मिडिल-क्लास बैकग्राउंड से आते हैं, लेकिन वह कोई औसत दर्जे के एक्टर नहीं हैं.
सुधीर पांडे की फिल्में
सुधीर को हाल ही में 'गिन्नी वेड्स सनी 2' में देखा गया था. इस फिल्म को प्रशांत झा ने डायरेक्ट किया था और इसमें अविनाश तिवारी और मेधा शंकर भी थे. क्रिटिक्स ने इसे अच्छे रिव्यू नहीं दिए और यह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही. यह फिल्म 'गिन्नी वेड्स सनी' (2020) का स्पिरिचुअल सीक्वल है, जिसमें विक्रांत मैसी और यामी गौतम ने काम किया था.
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