किशोर कुमार सिर्फ एक शानदार गायक नहीं थे, बल्कि वह अपनी आवाज में किरदार की भावनाओं को उतार देने के लिए भी जाने जाते थे. उनकी गायकी में दर्द हो, प्यार हो या जुदाई, हर एहसास इतनी गहराई से महसूस होता था कि सुनने वाला खुद उस कहानी का हिस्सा बन जाता था. किशोर दा रिकॉर्डिंग के दौरान कई बार ऐसे प्रयोग भी करते थे, जो अपने आप में बेहद अनोखे होते थे. ऐसा ही एक किस्सा करीब 49 साल पहले रिकॉर्ड हुए एक गाने से जुड़ा है. इस गाने को रिकॉर्ड करते वक्त किशोर कुमार ने कुछ ऐसा किया था कि स्टूडियो में मौजूद लोग भी हैरान रह गए थे.
‘त्याग' के इस गाने के लिए किशोर दा को चाहिए था खास एहसास
यह किस्सा साल 1977 में रिलीज हुई फिल्म ‘त्याग' से जुड़ा है. फिल्म में राजेश खन्ना, शर्मिला टैगोर, प्रेम चोपड़ा और धीरज कुमार जैसे कलाकार नजर आए थे. फिल्म का संगीत दिग्गज संगीतकार एस.डी. बर्मन ने तैयार किया था. बताया जाता है कि फिल्म के गानों की रिकॉर्डिंग के दौरान एस.डी. बर्मन चाहते थे कि सभी गीत किशोर कुमार की आवाज में रिकॉर्ड किए जाएं. किशोर दा ने भी अपनी शानदार आवाज से फिल्म के गानों को यादगार बना दिया.
इन्हीं गीतों में एक गाना था ‘हम तुम तुम हम'. यह गाना अपने भावुक अंदाज के लिए खास था और इसे गाते समय किशोर कुमार सिर्फ सुर और शब्दों पर ध्यान नहीं देना चाहते थे, बल्कि किरदार के एहसास को भी पूरी तरह महसूस करना चाहते थे.
रिकॉर्डिंग के बीच किशोर दा ने मंगवाया सिगरेट का पैकेट
कहा जाता है कि जब किशोर कुमार इस गाने की रिकॉर्डिंग के लिए स्टूडियो पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले पूछा कि राजेश खन्ना वहां मौजूद हैं या नहीं. जब उन्हें बताया गया कि राजेश खन्ना स्टूडियो में नहीं हैं, तो उन्होंने एक स्पॉट बॉय से ट्रिपल 5 सिगरेट का पैकेट लाने के लिए कहा.
उनकी यह मांग सुनकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए. आखिर गाने की रिकॉर्डिंग के बीच सिगरेट की जरूरत क्यों पड़ गई? लेकिन किशोर कुमार ने सिगरेट पीने के लिए वह पैकेट नहीं मंगवाया था. उन्होंने पैकेट हाथ में लिया और रिकॉर्डिंग के दौरान उसे बार-बार अपनी नाक के पास ले जाकर उसकी खुशबू महसूस करते रहे. दिलचस्प बात यह थी कि उन्होंने सिगरेट का एक भी कश नहीं लिया.
राजेश खन्ना के किरदार को महसूस करने का था तरीका
दरअसल, उस दौर में राजेश खन्ना ट्रिपल 5 सिगरेट पीने के लिए जाने जाते थे. किशोर कुमार चाहते थे कि गाना गाते समय वह सिर्फ शब्दों को आवाज न दें, बल्कि पर्दे पर नजर आने वाले राजेश खन्ना के किरदार की भावनाओं को भी महसूस करें.
इसी वजह से उन्होंने सिगरेट की खुशबू को एक तरह के भावनात्मक जुड़ाव की तरह इस्तेमाल किया. वह उस खुशबू के जरिए खुद को राजेश खन्ना के किरदार के करीब महसूस करना चाहते थे, ताकि उसके दर्द और जज्बात को अपनी आवाज में उतार सकें. यही वजह है कि किशोर कुमार की गायकी में सिर्फ आवाज नहीं, बल्कि किरदार की भावनाएं भी सुनाई देती थीं. यही उनका अंदाज था, जिसने उन्हें बाकी गायकों से अलग पहचान दी.
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