बॉलीवुड में कई ऐसे गाने हैं जो समय के साथ पुराने नहीं पड़ते, बल्कि हर गुजरते साल के साथ और ज्यादा खास बन जाते हैं. ऐसा ही एक गीत है ‘कहे तोसे सजना', जिसे बिहार की प्रसिद्ध लोकगायिका शारदा सिन्हा ने अपनी सुरीली आवाज दी थी. यह गाना साल 1989 में रिलीज हुई सलमान खान की डेब्यू फिल्म मैंने प्यार किया का हिस्सा था. दिलचस्प बात यह है कि जिस फिल्म से सलमान खान ने बॉलीवुड में कदम रखा, उसी फिल्म से शारदा सिन्हा ने भी हिंदी फिल्मों में अपने गायन की शुरुआत की थी. 37 साल बाद भी यह गीत रोमांस पसंद करने वालों की पहली पसंद बना हुआ है और इसे बॉलीवुड के सबसे यादगार प्रेम गीतों में गिना जाता है.
‘कहे तोसे सजना' ने बनाया अलग मुकाम
फिल्म मैंने प्यार किया उस दौर की सबसे सफल फिल्मों में शामिल रही थी. सूरज बड़जात्या के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने न सिर्फ सलमान खान और भाग्यश्री को स्टार बना दिया, बल्कि इसके गानों ने भी रिकॉर्डतोड़ लोकप्रियता हासिल की. इनमें ‘कहे तोसे सजना' खास तौर पर दर्शकों के दिलों में बस गया.
इस गीत की सबसे बड़ी खासियत इसके भोजपुरी रंग से भरे बोल थे, जो सीधे दिल को छूते हैं. शारदा सिन्हा की मधुर आवाज ने इस गाने को एक अलग पहचान दी. फिल्म में यह गीत प्रेम और भावनाओं को बेहद खूबसूरती से दर्शाता है. यही वजह है कि दशकों बाद भी यह गाना शादी-ब्याह, संगीत समारोह और रोमांटिक प्लेलिस्ट का हिस्सा बना हुआ है.
सिर्फ 56 रुपये फीस में गाया था यह अमर गीत
इस गाने से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा भी है. बताया जाता है कि शारदा सिन्हा को ‘कहे तोसे सजना' गाने के लिए मात्र 56 रुपये फीस दी गई थी. आज के दौर में जब एक गाने के लिए लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, तब यह रकम सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है.

1989 में रिलीज हुई मैंने प्यार किया को करीब 1 करोड़ रुपये के बजट में बनाया गया था और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 45 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की थी. वहीं सलमान खान को उनकी पहली फिल्म के लिए करीब 30 हजार रुपये मिले थे. दूसरी ओर, शारदा सिन्हा ने बेहद मामूली फीस में ऐसा गीत गाया, जो आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में जिंदा है.
हालांकि बाद में शारदा सिन्हा ने फिल्मों में ज्यादा काम नहीं किया और लोकसंगीत को ही अपना प्रमुख क्षेत्र बनाया. उन्होंने बिहार और पूर्वांचल की लोक परंपराओं को देशभर में पहचान दिलाई. गैंग्स ऑफ वासेपुर का लोकप्रिय गीत ‘तार बिजली से पतले हमारे पिया' भी उनकी आवाज का ही जादू था. यही वजह है कि शारदा सिन्हा को आज भी भारतीय लोकसंगीत की सबसे सम्मानित गायिकाओं में गिना जाता है.
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